कटनी जिले के विजयराघवगढ़ थाना क्षेत्र के भैंसवाही गांव में सामने आया एक ऐसा मामला, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। पहली नजर में यह एक आत्महत्या लग रही थी, लेकिन पुलिस जांच में जो सच सामने आया, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है।
घटना की शुरुआत – सुसाइड या साजिश?
27 अप्रैल को हरीश साहू ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके पिता, 45 वर्षीय संतराम साहू, ने खेत की मेड़ पर लगे आम के पेड़ पर बिजली के तार से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पोस्टमार्टम ने खोला राज
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे मामले की दिशा बदल दी। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि संतराम की नाक पर गंभीर चोट के निशान थे और गले में बिजली के तार को इतनी ताकत से खींचा गया था कि उनकी श्वासनली तक टूट गई। इससे साफ हो गया कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या थी।
जांच और साजिश का पर्दाफाश
हत्या की पुष्टि के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने गांव की पिंकी कोल को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने जो बताया, उसने सभी को चौंका दिया।
प्रेम संबंध बना मौत की वजह
पिंकी कोल और संतराम साहू के बीच प्रेम संबंध थे, जो समय के साथ विवाद में बदल गए। इसी रंजिश के चलते पिंकी ने अपने भाई रवि कोल और उसके साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
कैसे दिया वारदात को अंजाम
आरोपियों ने योजना के तहत संतराम को घर बुलाया। वहां पिंकी ने ईंट से हमला कर उसकी नाक और चेहरे पर गंभीर चोटें पहुंचाईं। इसके बाद रवि कोल, इत्तू भतरा और मोनू भतरा ने बिजली के तार को संतराम के गले में डालकर दोनों ओर से खींचा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
सुसाइड दिखाने की कोशिश
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को आम के पेड़ पर लटका दिया, ताकि यह मामला आत्महत्या लगे और वे बच सकें।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों मुख्य आरोपियों—पिंकी कोल, रवि कोल, इत्तू भतरा और मोनू भतरा—को गिरफ्तार कर लिया है। सभी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जिला जेल कटनी भेज दिया गया।
यह मामला दिखाता है कि किस तरह व्यक्तिगत रिश्तों में उपजा विवाद एक खौफनाक साजिश में बदल सकता है। पुलिस की सतर्कता और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस ‘सुसाइड’ के पीछे छिपे मर्डर का सच सामने ला दिया।

