यशवंत गंजीर कुरुद/ रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भारतमाला परियोजना के तहत जमीन अधिग्रहण मुआवजे में कथित अनियमितताओं की शिकायतों पर सोमवार को कुरूद में व्यापक छापेमारी की। इस दौरान भूपेंद्र चंद्राकर और राइसमिल संघ के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर के ठिकानों पर दस्तावेजों की गहन जांच की गई। देर रात तक चली कार्रवाई के बावजूद किसी भी घोटाले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सुबह से देर रात तक जांच, कड़ी सुरक्षा तैनाती
कार्रवाई तड़के करीब 6:30 बजे शुरू हुई, जिसमें 15 से अधिक अधिकारियों की टीम शामिल रही। सुरक्षा के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के सशस्त्र जवान तैनात रहे। भूपेंद्र चंद्राकर के निवास पर करीब 16 घंटे तक जांच चली, जबकि रोशन चंद्राकर के यहां लगभग 13 घंटे तक दस्तावेजों की पड़ताल की गई। इस दौरान वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले गए और एक CPU जब्त किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
मुआवजा वितरण में गड़बड़ी के आरोप, कई क्षेत्र जांच के दायरे में
ईडी की जांच भारतमाला परियोजना के तहत जमीन मुआवजा वितरण में कथित अनियमितताओं पर केंद्रित है। आरोप है कि अपात्र व्यक्तियों को मुआवजा दिया गया और दस्तावेजों में हेराफेरी कर जमीन रिकॉर्ड में बदलाव किया गया। अभनपुर, दुर्ग, पाटन, राजनांदगांव और मगरलोड सहित कई क्षेत्रों में संदिग्ध भुगतान की शिकायतें सामने आई हैं, जिनकी पुष्टि के लिए एजेंसी साक्ष्य जुटा रही है।
जांच जारी, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में कोई आधिकारिक खुलासा नहीं किया है। जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और तथ्यों के सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

