यशवंत गंजीर कुरुद। भारतमाला इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण में हुई कथित भारी अनियमितताओं को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने सोमवार को प्रदेश में बड़ी कार्रवाई की है। कुरुद और धमतरी समेत कई अन्य स्थानों पर जांच एजेंसियों की टीमों ने एक साथ दबिश देकर दस्तावेजों को खंगालना शुरू कर दिया है। सोमवार तड़के शुरू हुई इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
कुरुद में सघन जांच, बाहरी आवाजाही पर लगी रोक
मिली जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसियों की टीमें सुबह-सुबह कुरुद पहुंचीं, जहाँ भूपेंद्र चंद्राकर और रोशन चंद्राकर के निवास सहित उनसे जुड़े विभिन्न ठिकानों पर दबिश दी गई। अधिकारियों ने घर के प्रवेश और निकास द्वारों को सुरक्षित कर लिया है और किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। टीमों द्वारा घर के भीतर मौजूद बैंकिंग रिकॉर्ड्स, जमीन के पट्टे और डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
मुआवजा वितरण में प्रभाव और नियमों के उल्लंघन का आरोप
सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहित जमीन के बदले बांटे गए मुआवजे में हुए कथित भ्रष्टाचार पर केंद्रित है। प्राथमिक शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों ने अधिकारियों के साथ साठगांठ कर अभनपुर, मगरलोड, पाटन और दुर्ग जैसे क्षेत्रों में अपने करीबियों को करोड़ों रुपये का अनुचित मुआवजा दिलाया। जांच इस बिंदु पर भी टिकी है कि क्या कृषि भूमि को नियमों के विरुद्ध जाकर बैकडेट में गैर-कृषि घोषित किया गया था, ताकि सरकारी खजाने से मिलने वाली राशि को कई गुना बढ़ाया जा सके।
कई जिलों में फैला जांच का दायरा
जांच एजेंसियों की नजर केवल कुरुद तक ही सीमित नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभनपुर के कायाबांधा गांव के साथ-साथ दुर्ग, राजनांदगांव के देवादा और धमतरी के मगरलोड तहसील में भी मुआवजे से जुड़े संदिग्ध लेनदेन की जांच की जा रही है। यह माना जा रहा है कि एक ही खसरे की जमीन को कागजों में छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर अलग-अलग लोगों के नाम पर भुगतान लिया गया है, जिससे लगभग 500 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले की आशंका जताई जा रही है।
दस्तावेजों की कड़ियां जोड़ने में जुटी टीमें
ED और EOW की यह संयुक्त कार्रवाई पहले की गई छापेमारी का ही विस्तार मानी जा रही है। इससे पहले भी रायपुर और अभनपुर के जमीन कारोबारियों के ठिकानों से कई अहम दस्तावेज जब्त किए जा चुके हैं। एजेंसियों का मुख्य फोकस अब उन वित्तीय कड़ियों को जोड़ने पर है, जो इस पूरे नेटवर्क के पीछे सक्रिय हैं। फिलहाल जांच एजेंसियों की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि शाम तक इस मामले में कुछ बड़े खुलासे हो सकते हैं।

