यशवंत गंजीर, धमतरी।धमतरी जिले के बड़े करेली में ग्राम पंचायत को नगर पंचायत बनाए जाने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पंचायत कार्यालय पहुंचे निर्वाचित सरपंच और पंचों को अपने ही कक्ष में बैठने से रोके जाने के बाद जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई और प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
गौरतलब हो कि ग्राम पंचायत बड़े करेली को नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद नई व्यवस्था शुरू की गई है। वर्तमान सरपंच और पंचों का आरोप है कि ग्राम पंचायत सचिव ने बिना उन्हें विश्वास में लिए नगर पंचायत के सीएमओ को पंचायत से जुड़ा चार्ज सौंप दिया।
जनप्रतिनिधियों के अनुसार जब वे पंचायत कार्यालय पहुंचे तो उन्हें सरपंच कक्ष में बैठने से मना कर दिया गया। उन्हें दूसरे कमरे में बैठने की बात कही गई, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया।
सरपंच और पंचों ने कहा कि वे जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि हैं। यदि पंचायत बॉडी समाप्त हो चुकी है तो उन्हें इसका लिखित आदेश दिया जाए, जिसके बाद वे स्वयं पद छोड़ देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना स्पष्ट आदेश के उन्हें जिम्मेदारियों से दूर किया जा रहा है।
जनप्रतिनिधियों ने बताया कि उन्होंने इस मामले में कलेक्टर से भी मुलाकात की थी। उनके अनुसार कलेक्टर द्वारा न्यायालय के अंतिम निर्णय तक यथास्थिति बनाए रखने की बात कही गई थी, लेकिन इसके बावजूद कार्यालय में ऐसी स्थिति निर्मित हुई।
इधर विवाद के चलते क्षेत्र में विकास कार्य प्रभावित होने की बात भी सामने आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम से पहले नालियों की सफाई और अन्य जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
मामला फिलहाल न्यायालय में लंबित है। सरपंच खेमलता साहू और पंचों ने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर भरोसा है और कोर्ट के निर्णय का पालन करेंगे। वहीं प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई को लेकर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

