इलेक्ट्रिक कारों की मांग में भारी उछाल— भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम आदमी की जेब पर असर डाला है। इसका सीधा असर अब वाहनों की बिक्री पर भी दिखाई देने लगा है। भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में बीते महीने पारंपरिक ईंधन वाली गाड़ियों की तुलना में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट में सबसे ज्यादा ग्रोथ दर्ज की गई है। अगर आप भी इस समय अपने लिए एक नई गाड़ी खरीदने की योजना बना रहे हैं और आपका बजट 10 से 20 लाख रुपये के बीच है, तो भारतीय बाजार में कई दिग्गज वाहन निर्माताओं की ओर से शानदार इलेक्ट्रिक एसयूवी (Electric SUV) ऑफर की जा रही हैं।
इलेक्ट्रिक कारों की मांग में भारी उछाल: 10 से 20 लाख रुपये के बजट में ये हैं बेस्ट इलेक्ट्रिक एसयूवी विकल्प

बजट सेगमेंट में मौजूद मुख्य इलेक्ट्रिक एसयूवी गाड़ियां
भारतीय बाजार में ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऑटोमेकर्स ने अलग-अलग प्राइस पॉइंट पर अपनी गाड़ियां उतारी हैं। इनमें सबसे लोकप्रिय मॉडल्स की शुरुआती और टॉप वेरिएंट की एक्स-शोरूम कीमतें नीचे दी गई हैं:
- Tata Nexon EV: घरेलू निर्माता टाटा मोटर्स की ओर से आने वाली यह गाड़ी इस सेगमेंट में काफी मजबूत पकड़ रखती है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 12.49 लाख रुपये है, जबकि इसके टॉप वेरिएंट की एक्स-शोरूम कीमत 17.49 लाख रुपये तक जाती है।
- MG Windsor EV: एमजी मोटर्स की विंडसर ईवी को भी भारतीय ग्राहकों द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है। कंपनी की ओर से इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 14 लाख रुपये तय की गई है और इसके टॉप वेरिएंट की कीमत 18.50 लाख रुपये है।
- Vinfast VF6: वियतनामी कार निर्माता विनफास्ट भी भारतीय बाजार में अपनी स्थिति मजबूत कर रही है। विनफास्ट वीएफ6 की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 17.29 लाख रुपये है, जबकि इसका टॉप वेरिएंट 19.19 लाख रुपये में उपलब्ध है।
- Maruti eVitara: देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी भी इस रेस में शामिल है। मारुति की ई-विटारा की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 15.99 लाख रुपये है और इसका टॉप वेरिएंट 20.01 लाख रुपये तक जाता है।
- Hyundai Creta Electric: हुंडई की ओर से क्रेटा का इलेक्ट्रिक वर्जन बाजार में उतारा गया है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 18.02 लाख रुपये से शुरू होकर टॉप वेरिएंट के लिए 24.70 लाख रुपये तक पहुंचती है।
बाजार के विशेषज्ञों और डीलर्स का क्या है कहना
“पेट्रोल और डीजल की बढ़ती लागत के कारण ग्राहक अब तेजी से ईवी की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। खासकर 15 से 20 लाख रुपये के ब्रैकेट में आने वाली एसयूवी गाड़ियों की पूछताछ में पिछले दो महीनों में चालीस प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई है।”
— राजेश कुमार, सीनियर ऑटोमोबाइल कंसलटेंट, दिल्ली-एनसीआर
आम नागरिकों पर इसका प्रभाव और आगे की राह
ईवी सेगमेंट में आ रही इस तेजी से न केवल प्रदूषण के स्तर में कमी आने की उम्मीद है, बल्कि लंबी अवधि में यह ग्राहकों के लिए बेहद किफायती साबित हो रही है। देश के प्रमुख शहरों में चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार किया जा रहा है, जिससे एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवेज पर भी सफर करना आसान हो गया है। आने वाले समय में अन्य कंपनियां भी इस बजट रेंज में नए मॉडल उतारने की तैयारी कर रही हैं, जिससे मुकाबला और कड़ा होने की उम्मीद है।

