अंतिम ओवरों में लचर बल्लेबाजी से खफा दिखे गिल
मैच में भारत की बल्लेबाजी शानदार रही। शुभमन गिल ने खुद 154 रनों की धाकड़ पारी खेली और ईशान किशन ने 125 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। एक समय टीम 400 के पार आसानी से जाती दिख रही थी, लेकिन अंतिम 10 ओवरों में विकेटों की झड़ी लग गई। गिल ने मैच के बाद कहा कि टीम जिस स्थिति में थी, वहां से स्कोर 430-440 तक पहुंचना चाहिए था।
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शुभमन गिल ने स्पष्ट किया कि 402 रन का स्कोर जीत के लिए काफी था, लेकिन ड्रेसिंग रूम में वह प्रदर्शन को लेकर कड़ा रुख अपनाएंगे। उन्होंने कहा, “हम जिस तरह से सेट थे, अंत में हमें और जिम्मेदारी दिखानी चाहिए थी। एक ही ओवर में विकेट गंवाना हमें भविष्य के बड़े मैचों में भारी पड़ सकता है।”
मैदान का हाल और टीम की रणनीति
लखनऊ की भीषण गर्मी और उमस के बीच भारतीय खिलाड़ी लगातार जूझते दिखे। गिल को खुद बल्लेबाजी के दौरान क्रैम्प (मांसपेशियों में खिंचाव) की समस्या हुई और उन्हें बर्फ के कॉलर का सहारा लेना पड़ा। इसके बावजूद, वे अंत तक टिके रहे।
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आगे क्या?
सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला 20 जून को चेन्नई के एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा। 2-0 की बढ़त के बाद अब भारतीय खेमे की नजर क्लीन स्वीप पर है। हालांकि, टीम मैनेजमेंट मध्यक्रम की स्थिरता और अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोरने की कला पर विशेष ध्यान दे रहा है। दर्शकों के लिए राहत की बात यह है कि टीम की गेंदबाजी, विशेषकर अर्शदीप सिंह और गुरनूर बराड़ का प्रदर्शन, पूरी तरह लय में दिख रहा है।

