धमतरी। जिले के पुलिस महकमे में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने प्रशासनिक सर्जरी करते हुए एक साथ थोक में तबादला सूची जारी कर दी। लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे 192 आरक्षकों को इधर से उधर कर दिया गया है। खास बात यह है कि इस बार कप्तान ने केवल आदेश नहीं थोपे, बल्कि पारदर्शिता बरतते हुए जवानों से उनकी पसंद भी पूछी।
पारदर्शिता की नई मिसाल:सम्मेलन में मांगे गए थे विकल्प
इस बार की स्थानांतरण प्रक्रिया काफी चर्चा में है क्योंकि इसमें मानवीय और पारदर्शी पहलू का ध्यान रखा गया है:
खुला मंच: दो वर्ष से अधिक समय से एक ही जगह तैनात आरक्षकों का सम्मेलन आयोजित किया गया।
पसंद का ख्याल: धमतरी, कुरुद और नगरी सहित विभिन्न अनुभागों के जवानों से उनकी पसंद के तीन थानों या चौकियों के विकल्प मांगे गए थे।
दो सूचियों में आदेश: कार्य मूल्यांकन और जवानों की पसंद को आधार बनाकर दो अलग-अलग सूचियों में क्रमशः 121 और 71 आरक्षकों के नाम जारी किए गए।
शिक्षा सत्र का रखा गया ध्यान:
पुलिस कप्तान ने यह सुनिश्चित किया कि आरक्षकों के परिवारों पर इस फेरबदल का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। इसीलिए तबादलों का समय तब चुना गया जब बच्चों का शैक्षणिक सत्र पूर्ण हो चुका है, ताकि जवानों के मनोबल और कार्यकुशलता में वृद्धि हो सके।
प्रभावित क्षेत्र और सख्त हिदायत
तबादला सूची में थाना धमतरी, अर्जुनी, कुरुद, मगरलोड, नगरी, सिहावा, भखारा और रुद्री सहित जिला मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं के कर्मचारी शामिल हैं।
तत्काल रवानगी: आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी स्थानांतरित कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए कार्यस्थल पर जॉइन करना होगा।आदेश की अवहेलना करने वाले या नई पदस्थापना पर समय पर न पहुँचने वाले कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
इस “मेगा सर्जरी” के बाद अब स्थानीय थानों का समीकरण बदल गया है और उम्मीद की जा रही है कि नई ऊर्जा के साथ पुलिसिंग व्यवस्था और अधिक चुस्त-दुरुस्त होगी।

