नई दिल्ली। NEET UG री-एग्जाम 2026 को लेकर केंद्र सरकार ने तैयारियों को तेज कर दिया है। गृह सचिव गोविंद मोहन ने परीक्षा की सुरक्षा और सुचारू संचालन को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक के दौरान गृह सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा के दौरान सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता की संभावना को रोका जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए राज्यों को विशेष व्यवस्था करनी होगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के महानिदेशक, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन, स्कूल शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, डाक विभाग, CRPF, CISF, BCAS, रक्षा मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी विभागों को परीक्षा को सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने छात्रों के सुगम आवागमन के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। वहीं, डाक विभाग और अन्य एजेंसियों को भी परीक्षा प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग देने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने दोहराया है कि NEET UG री-एग्जाम को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित वातावरण में कराया जाएगा, जिससे छात्रों का भरोसा परीक्षा प्रणाली पर बना रहे।
गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा को अनियमितताओं के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। अब इसका री-एग्जाम 21 जून 2026 को आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने इसके लिए एडमिट कार्ड भी जारी कर दिए हैं, जिन्हें उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं।
इस बीच, छात्रों और अभिभावकों में परीक्षा को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। प्रशासन का कहना है कि सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं और परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

