National Anthem Insult : राजभवन का पलटवार, दलितों पर अत्याचार के मुद्दों को दबाने की कोशिश का आरोप

Versha Chouhan
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National Anthem Insult :  चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा का मंगलवार का सत्र उस समय भारी विवाद में बदल गया, जब राज्यपाल आर.एन. रवि ने उद्घाटन भाषण से पहले ही सदन से वॉकआउट कर लिया। राज्यपाल ने आरोप लगाया कि विधानसभा में राष्ट्रगान को अपेक्षित सम्मान नहीं दिया गया और कार्यवाही के दौरान उनका माइक्रोफोन बंद कर दिया गया, जिससे वह अपनी बात नहीं रख सके।

National Anthem Insult

सदन से बाहर निकलने के बाद मीडिया से बातचीत में राज्यपाल रवि ने कहा कि वह इस घटनाक्रम से बेहद निराश हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रगान का उचित सम्मान नहीं किया गया और उनके भाषण के दौरान बार-बार बाधा उत्पन्न की गई, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके वॉकआउट के बाद विधानसभा के भीतर राजनीतिक माहौल गरमा गया और सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।

विधानसभा अध्यक्ष का पलटवार
राज्यपाल के आरोपों पर विधानसभा अध्यक्ष एम. अप्पावु ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सदन की कार्यवाही निर्धारित नियमों, परंपराओं और संवैधानिक मर्यादाओं के तहत संचालित होती है। उन्होंने राज्यपाल को सदन की गरिमा और प्रक्रियाओं का सम्मान करने की नसीहत दी।

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राजभवन की ओर से बयान जारी
घटना के कुछ घंटों बाद राजभवन की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि राज्यपाल को बार-बार बोलने से रोका गया और जानबूझकर उनका माइक्रोफोन बंद किया गया। बयान में यह भी आरोप लगाया गया कि राज्य में दलितों पर अत्याचार और दलित महिलाओं के साथ यौन हिंसा की बढ़ती घटनाओं जैसे गंभीर मुद्दों को राज्यपाल के अभिभाषण में पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। साथ ही यह दावा भी किया गया कि विधानसभा में एक बार फिर राष्ट्रगान का अपमान हुआ और संविधान में निहित मौलिक कर्तव्यों की अवहेलना की गई।

पहले भी हो चुका है टकराव
गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब राज्यपाल आर.एन. रवि और तमिलनाडु सरकार के बीच टकराव सामने आया हो। इससे पहले भी राज्यपाल ने इसी तरह सदन से बाहर निकलते हुए संविधान और राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाया था। ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर राज्य की राजनीति में संवैधानिक टकराव को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

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