कटनी जिले में पुलिस विभाग के भीतर अनुशासन और कार्यप्रणाली को मजबूत करने के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) ने सख्त कदम उठाए हैं। पुलिस कार्यालय में आयोजित ‘अर्दली रूम’ के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई, जिसमें कर्तव्यों में लापरवाही, अनुशासनहीनता और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के कई मामले सामने आए। इस समीक्षा के बाद कुल 10 पुलिसकर्मियों को दोषी पाया गया, जिन पर विभागीय नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की गई।MP NEWS
अर्दली रूम में हुई समीक्षा, सामने आईं कई खामियां
अर्दली रूम में पुलिस अधीक्षक ने विभिन्न थानों और इकाइयों के लंबित मामलों, न्यायालयीन प्रकरणों की स्थिति और ड्यूटी के दौरान अनुशासन की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान यह पाया गया कि कई अधिकारी अपने दायित्वों के प्रति लापरवाही बरत रहे हैं। कुछ मामलों में जांच में अनावश्यक देरी, तो कुछ में वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों का पालन नहीं किया गया।
इस समीक्षा का मुख्य उद्देश्य विभाग में जवाबदेही तय करना और पुलिसिंग की गुणवत्ता में सुधार लाना था। एसपी ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वेतन वृद्धि रोकी गई, जुर्माने भी लगाए गए
विभागीय जांच के बाद कई पुलिसकर्मियों पर आर्थिक और प्रशासनिक दंड लगाए गए। प्रधान आरक्षक और आरक्षक वर्ग के कर्मचारियों की एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोक दी गई। इसके अलावा बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले एक थाना अधिकारी पर भी यही कार्रवाई की गई।
न्यायालयीन मामलों की विवेचना में देरी करने वाले दो उप-निरीक्षकों पर ₹5000-₹5000 का अर्थदंड लगाया गया। वहीं, विभागीय जांच लंबित रखने वाले एक सूबेदार और एक लाइन अधिकारी पर भी ₹5000 का जुर्माना लगाया गया। इन कार्रवाइयों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी अधिकारी समयबद्ध और जिम्मेदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।
नाबालिग के मामले में लापरवाही पर सख्त दंड
सबसे गंभीर मामला एक उप-निरीक्षक से जुड़ा सामने आया, जिसमें नाबालिग बालिका के मामले में भारी लापरवाही बरती गई थी। जांच में पाया गया कि संबंधित अधिकारी ने थाना प्रभारी के निर्देशों की अवहेलना की, वैधानिक कार्रवाई में देरी की और वरिष्ठ अधिकारी के साथ अमर्यादित व्यवहार किया।
इस गंभीर कदाचार को देखते हुए एसपी ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उप-निरीक्षक के एक माह के वेतन का 50 प्रतिशत काटने का आदेश दिया। यह कार्रवाई विभाग के भीतर एक सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है।
अन्य अनुशासनात्मक कदम भी उठाए गए
इसके अलावा अन्य मामलों में भी कार्रवाई की गई। शासकीय गोपनीयता भंग करने वाले एक उप-निरीक्षक के खिलाफ विभागीय जांच प्रस्तावित की गई है। जांच लंबित रखने वाले एक चौकी प्रभारी के खिलाफ निंदा प्रविष्टि दर्ज की गई, जबकि विशेष ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले प्रधान आरक्षकों की सर्विस बुक में प्रतिकूल प्रविष्टि की गई।
ये सभी कदम पुलिस विभाग में अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाए गए हैं।
एसपी का सख्त संदेश: लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं
अर्दली रूम के अंत में पुलिस अधीक्षक ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि विभाग में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि जनता से जुड़े मामलों का समयसीमा में निराकरण करें और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों का अक्षरशः पालन करें।
एसपी ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में इस तरह की शिकायतें सामने आती हैं, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन या सेवा समाप्ति जैसी कठोर कार्रवाई भी की जा सकती है।
मुख्य उद्देश्य: कानून का राज और बेहतर पुलिसिंग
पुलिस अधीक्षक ने दो टूक कहा कि विभाग का प्राथमिक लक्ष्य जनता की सेवा और कानून का शासन स्थापित करना है। इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई या शिथिलता अक्षम्य होगी। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने कर्तव्यों के प्रति सजग, जिम्मेदार और संवेदनशील रहें।MP NEWS
कटनी पुलिस की यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि अब विभाग में अनुशासन, जवाबदेही और कार्यकुशलता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। यह कदम न केवल पुलिस व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि आम जनता के बीच विश्वास भी

