नई दिल्ली। सनातन धर्म में मई का महीना बेहद खास माना जाता है। इस महीने में कई प्रमुख व्रत और त्योहार पड़ रहे हैं, जिनका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व विशेष रूप से बताया गया है। श्रद्धालुओं के लिए यह पूरा महीना पूजा-पाठ, व्रत और साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है।
मई 2026 के प्रमुख व्रत-त्योहार
महीने की शुरुआत बुद्ध पूर्णिमा और वैशाख पूर्णिमा जैसे बड़े पर्व से होगी। इसके अलावा पूरे महीने कई महत्वपूर्ण तिथियां रहेंगी—
- 1 मई: कूर्म जयंती, बुद्ध पूर्णिमा, वैशाख पूर्णिमा
- 2 मई: नारद जयंती, ज्येष्ठ माह प्रारंभ
- 5 मई: एकदन्त संकष्टी, पहला बड़ा मंगल
- 9 मई: कालाष्टमी, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी
- 12 मई: हनुमान जयंती, दूसरा बड़ा मंगल
- 13 मई: अपरा एकादशी
- 14 मई: गुरु प्रदोष व्रत
- 15 मई: वृषभ संक्रांति, मासिक शिवरात्रि
- 16 मई: वट सावित्री व्रत, शनि जयंती
- 18 मई: रोहिणी व्रत
- 19 मई: तीसरा बड़ा मंगल
- 20 मई: वरदा चतुर्थी
- 23 मई: दुर्गाष्टमी
- 25 मई: गंगा दशहरा
- 26 मई: चौथा बड़ा मंगल
- 27 मई: पद्मिनी एकादशी
- 31 मई: ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा
मई में कब-कब है बड़ा मंगल
हनुमान भक्तों के लिए “बड़ा मंगल” का विशेष महत्व होता है। इस साल मई में चार बड़े मंगल पड़ रहे हैं—
- 5 मई 2026
- 12 मई 2026
- 19 मई 2026
- 26 मई 2026
वैशाख पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 30 अप्रैल रात 9:12 बजे से होगी और समापन 1 मई रात 10:52 बजे होगा। ऐसे में वैशाख पूर्णिमा 1 मई को मनाई जाएगी।
श्रद्धा और साधना का महीना
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मई माह में व्रत-उपवास और पूजा-अर्चना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस दौरान किए गए दान-पुण्य और धार्मिक कार्यों का महत्व भी कई गुना बढ़ जाता है।

