कुरुद। राजनीति में जब संवाद और सरोकार मिलते हैं, तो विकास की नई इबारत लिखी जाती है। कुछ ऐसा ही नजारा भारतीय जनता पार्टी के ‘गांव चलो, बस्ती चलो’ अभियान के दौरान कुरुद विधानसभा में देखने को मिला। पूर्व मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक अजय चंद्राकर ने ग्राम जोरातराई (सी), सौराबांधा, तर्रागोंदी और जुगदेही का तूफानी दौरा कर न केवल संगठन की नब्ज टटोली, बल्कि ग्रामीणों के बीच जाकर विकास का एक नया विज़न भी प्रस्तुत किया।
निर्माण से बढ़कर नवाचार की पुकार:
इस प्रवास की सबसे खास बात विधायक चंद्राकर का वह सुझाव रहा, जिसने पंचायतों की पारंपरिक कार्यप्रणाली को चुनौती दी। सरपंचों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अब समय कंक्रीट की नालियों और सड़कों से आगे बढ़कर सोचने का है। उन्होंने आह्वान किया कि गाँव में ऐसे कार्य किए जाएं जिससे परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो। पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए उन्होंने एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा— “गाँव की रिक्त भूमि पर इस संकल्प के साथ पौधरोपण करें कि आपके गाँव का तापमान अन्य क्षेत्रों की तुलना में 5 डिग्री कम रहे।”
संगठन की ‘सर्जरी’ और वैचारिक प्रहार:
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए चंद्राकर अपने चिरपरिचित अंदाज में नजर आए। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि आपसी प्रतिस्पर्धा और उपेक्षा संगठन के लिए दीमक की तरह है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को ‘वैचारिक फौज’ बनने का मंत्र देते हुए कहा कि जो कार्यकर्ता सादगी के साथ विषम परिस्थितियों में खड़ा रहे, वही संगठन की असली शक्ति है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कुरुद के विकास में कांग्रेस का दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब हर घर तक भाजपा की योजनाएं पहुँच रही हैं, तो वैचारिक धरातल पर हम कमजोर क्यों पड़ें? उन्होंने क्षेत्रीयवाद और परिवारवाद की राजनीति करने वाले दलों को आड़े हाथों लेते हुए भाजपा को राष्ट्रवाद का एकमात्र विकल्प बताया।
हितग्राहियों से सीधा संवाद:
अभियान के दौरान विधायक ने ग्रामों में चौपाल लगाई और शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न हितग्राहियों की समस्याओं को सुना और मौके पर ही मौजूद अधिकारियों व पदाधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
प्रमुख उपस्थिति: इस जनसंपर्क अभियान में जनपद अध्यक्ष गीतेश्वरी साहू, उपाध्यक्ष सतीश जैन, जिला पंचायत सदस्य पूजा सिन्हा, मंडल अध्यक्ष रवि सिन्हा, वरिष्ठ नेता राम स्वरूप साहू, चोवाराम गंजीर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
यह दौरा आगामी चुनावों और संगठन की मजबूती के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है, जहाँ चंद्राकर ने ‘विकास’ और ‘विरासत’ दोनों को एक साथ साधने की कोशिश की है।


