Iran’s attack on Israel : तेल अवीव। मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। शांति वार्ता और युद्धविराम की चर्चाओं के बीच ईरान ने अपनी शक्तिशाली खोर्रमशहर बैलिस्टिक मिसाइल से इजरायल पर बड़ा हमला किया है। ईरानी मीडिया के मुताबिक हमले में तेल अवीव, हाइफा, बेन गुरियन एयरपोर्ट और दिमोना परमाणु केंद्र को निशाना बनाया गया। ईरान ने दावा किया है कि इस हमले से इजरायल को भारी नुकसान हुआ है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

ईरान के हमले के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। वहीं, इजरायली अधिकारियों ने हमले से हुए नुकसान का पूरा ब्योरा अभी सार्वजनिक नहीं किया है।
ट्रंप को भी दी चेतावनी
हमले के बाद ईरान ने अमेरिका को भी खुली चेतावनी दी है। ईरानी पक्ष की ओर से जारी संदेश में कहा गया, “प्रिय अमेरिकियों, अपने राष्ट्रपति से कहो कि वे ईरान और इजरायल के बीच न आएं। इजरायल को घुटने टेकने पर हम एक दिन में ही मजबूर कर देंगे।”
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump लगातार क्षेत्र में तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान की बात कर रहे हैं।
क्या है खोर्रमशहर मिसाइल?
खोर्रमशहर ईरान की सबसे घातक लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों में गिनी जाती है। यह मिसाइल लगभग 19,757 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकती है और एक टन से अधिक वजन वाले मल्टीपल वॉरहेड ले जाने में सक्षम बताई जाती है। इसकी मारक क्षमता और विनाशकारी शक्ति के कारण इसे ईरान के मिसाइल कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हथियार माना जाता है।
बढ़ सकता है क्षेत्रीय तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के इस हमले के बाद मध्य पूर्व में संघर्ष और व्यापक हो सकता है। एक ओर शांति वार्ता की बातें हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर लगातार हो रहे हमले युद्धविराम की संभावनाओं को कमजोर कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इजरायल की प्रतिक्रिया और अमेरिका की भूमिका इस संघर्ष की दिशा तय कर सकती है।

