होली सावधानी— होली के त्योहार से पहले बाजारों में ‘हर्बल’ और ‘ऑर्गेनिक’ रंगों की बाढ़ आ गई है, लेकिन विशेषज्ञों ने इन दावों को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. महाजन के अनुसार, पैकेट पर लिखा ‘हर्बल’ शब्द अक्सर ग्राहकों को गुमराह करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। बाजार में बिकने वाले इन रंगों में चमक और टिकाऊपन बढ़ाने के लिए घातक सिंथेटिक डाइज और आर्टिफिशियल खुशबू का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है।
होली सावधानी: ‘हर्बल’ और ‘प्राकृतिक’ टैग के पीछे का सच, डॉ. महाजन ने केमिकल रंगों को लेकर किया आगाह

चमक बढ़ाने के चक्कर में त्वचा से खिलवाड़
बाजार में बिकने वाले तथाकथित प्राकृतिक रंगों की वास्तविकता मानक नियमों के अभाव में संदिग्ध बनी हुई है। डॉ. महाजन ने स्पष्ट किया कि इन रंगों को बनाने के लिए वर्तमान में कोई सख्त सरकारी गाइडलाइन या सर्टिफिकेशन अनिवार्य नहीं है। इसी का फायदा उठाकर निर्माता साधारण केमिकल रंगों को भी ‘प्राकृतिक’ बताकर ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं। रंगों को आकर्षक बनाने के लिए इनमें लेड ऑक्साइड, मरकरी सल्फाइड और एल्युमिनियम ब्रोमाइड जैसे तत्व मिलाए जाते हैं, जो लंबे समय तक त्वचा पर टिके रहते हैं लेकिन उसे अंदरूनी नुकसान पहुंचाते हैं।
विशेषज्ञ की राय: लेबल पर न जाएं
“हर्बल रंगों के नाम पर बिक रहे उत्पादों में अक्सर वह ‘नेचुरल’ बेस नहीं होता जिसका दावा किया जाता है। इनमें मिलाई गई कृत्रिम खुशबू एलर्जी और सांस की समस्याओं का कारण बन सकती है। उपभोक्ता केवल टैग देखकर भरोसा न करें, बल्कि सामग्री की जांच करें।”
— डॉ. महाजन, वरिष्ठ विशेषज्ञ
सावधानी: कैसे करें असली हर्बल की पहचान
विशेषज्ञों और स्थानीय विक्रेताओं के अनुसार, असली हर्बल रंग और केमिकल युक्त रंगों में अंतर करना मुश्किल नहीं है, बशर्ते आप इन बातों का ध्यान रखें:
- रंगों की चमक: यदि गुलाल बहुत ज्यादा चमकीला (Fluorescent) है, तो इसमें केमिकल होने की संभावना 90% से अधिक है। प्राकृतिक रंग हमेशा सौम्य और हल्के होते हैं।
- खुशबू का स्तर: तेज और चुभने वाली खुशबू कृत्रिम रसायनों की पहचान है। असली हर्बल रंगों में या तो कोई गंध नहीं होती या चंदन/गुलाब जैसी बहुत हल्की प्राकृतिक महक होती है।
- पानी में घुलनशीलता: केमिकल युक्त रंग पानी में पूरी तरह नहीं घुलते और सतह पर जम जाते हैं, जबकि शुद्ध प्राकृतिक रंग आसानी से धुल जाते हैं।
स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने भी नागरिकों को सलाह दी है कि वे केवल विश्वसनीय दुकानों से ही खरीदारी करें। आने वाले दिनों में नगर निगम की टीमें मुख्य बाजारों जैसे चांदनी चौक, सदर बाजार और सरोजिनी नगर में रंगों के नमूनों की जांच के लिए अभियान चला सकती हैं।


