बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर स्थित विश्वनाथ फ्यूलस पर गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। यहां एक वाहन चालक ने आरोप लगाया है कि पेट्रोल पंप पर कम पेट्रोल दिया गया और बाद में गलती छिपाने के लिए डीजल डाल दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम से वाहन मालिक को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।BREAKING BALRAMPUR

34 सौ रुपये में मिला सिर्फ 31 लीटर पेट्रोल
जानकारी के अनुसार, वाहन मालिक ने वाड्रफनगर स्थित विश्वनाथ फ्यूल पेट्रोल पंप पर अपनी कार में 3400 रुपये का पेट्रोल डलवाया।
लेकिन वाहन चालक को शक हुआ कि पेट्रोल की मात्रा कम है। आमतौर पर इस रकम में अधिक पेट्रोल मिलना चाहिए था, लेकिन मीटर और टंकी के अनुसार मात्रा कम प्रतीत हुई।

संदेह होने पर कराया टंकी फुल
जब वाहन चालक को संदेह हुआ, तो उसने पंप कर्मचारियों से टंकी फुल करने के लिए कहा।
इसी दौरान कथित तौर पर जल्दबाजी और हड़बड़ी में पेट्रोल की जगह करीब 8 लीटर डीजल डाल दिया गया, जिससे मामला और गंभीर हो गया।

टंकी खोलकर की गई जांच
घटना के बाद वाहन मालिक ने अपनी कार की टंकी खुलवाकर जांच कराई।
जांच में सामने आया कि टंकी में केवल 31 लीटर पेट्रोल ही मौजूद था, जो कि भुगतान की गई राशि के हिसाब से कम बताया जा रहा है।
इसके अलावा डीजल मिल जाने के कारण वाहन की टंकी को पूरी तरह खाली कर साफ कराना पड़ा।
नई कार में आई तकनीकी परेशानी
वाहन मालिक के अनुसार, उनकी कार नई थी और इस घटना के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
👉 टंकी की सफाई में करीब 4 घंटे का समय लगा
👉 वाहन को नुकसान होने की आशंका भी बनी रही
👉 अतिरिक्त खर्च और मानसिक परेशानी अलग से हुई

मामले के शिकायत की तैयारी
इस पूरे मामले से नाराज वाहन मालिक ने अब प्रशासन से शिकायत करने का फैसला लिया है।
👉 उन्होंने बताया कि वे इस मामले की लिखित शिकायत कलेक्टर कार्यालय में करेंगे, ताकि जांच हो सके और दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
उठ रहे हैं कई सवाल
- क्या पेट्रोल पंप पर माप में गड़बड़ी की जा रही है?
- कर्मचारियों द्वारा लापरवाही या जानबूझकर की गई गलती?
- उपभोक्ताओं की सुरक्षा और अधिकारों की अनदेखी क्यों?
वाड्रफनगर में सामने आया यह मामला पेट्रोल पंप की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह उपभोक्ता अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।BREAKING BALRAMPUR
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और क्या अन्य उपभोक्ताओं को भी ऐसे मामलों से राहत मिल पाएगी।
