धमतरी। जिले में जुआ-सट्टा के बढ़ते नेटवर्क पर अब खुद पुलिस ने मुहर लगा दी है। अपराध समीक्षा बैठक में पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने साफ तौर पर स्वीकार किया कि जिले में जुआ-सट्टा जैसी अवैध गतिविधियां फल-फूल रही हैं। इस स्वीकारोक्ति के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और अब सख्त कार्रवाई के संकेत दिए जा रहे हैं।
खुली बैठक में स्वीकारोक्ति, सख्ती के निर्देश
बैठक के दौरान एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि जुआ-सट्टा पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने दो टूक शब्दों में निर्देश दिया कि इन गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई जाए और किसी भी हाल में संरक्षण न दिया जाए।
नेटवर्क और संरक्षण देने वालों पर भी नजर
एसपी ने केवल छोटे संचालकों पर ही नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क को तोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जुआ-सट्टा चलाने वाले, उनके सहयोगी और संरक्षण देने वाले सभी लोग पुलिस के रडार पर हैं। यहां तक कि यदि पुलिस स्टाफ की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
क्यों बढ़ा जुआ-सट्टा? उठे कई सवाल
एसपी की इस स्वीकारोक्ति के बाद कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं—क्या जिले में लंबे समय से इन अवैध धंधों पर पर्याप्त निगरानी नहीं थी? क्या स्थानीय स्तर पर मिलीभगत के चलते यह कारोबार फलता-फूलता रहा? हालांकि इन सवालों पर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया, लेकिन बैठक में खुफिया तंत्र को मजबूत करने और लगातार दबिश देने के निर्देश जरूर दिए गए हैं।
अब कार्रवाई की बारी, पुलिस पर नजर
पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि जुआ-सट्टा संचालित करने वाले या तो तुरंत अपना धंधा बंद कर दें या जिले से बाहर चले जाएं, अन्यथा सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना यह होगा कि एसपी की इस खुली स्वीकारोक्ति के बाद जमीनी स्तर पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है और क्या वाकई जिले में जुआ-सट्टा के नेटवर्क पर लगाम लग पाती है या नहीं।
