“दम घुटने लगा था”: यात्रियों का खौफनाक अनुभव
हमें पता चला कि विमान ने हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सुबह हुबली के लिए उड़ान भरी थी. हुबली हवाई अड्डे के पास पहुँचने पर पायलट ने यात्रियों को सूचित किया कि विमान में तकनीकी समस्या आ गई है. विमान हुबली के आसमान में ही गोल-गोल चक्कर लगाने लगा, और यह सिलसिला करीब 240 मिनट (4 घंटे) तक चला. इस दौरान लिफ्ट के भीतर भी हवा का प्रवाह कम हो गया था, कुछ यात्रियों को घुटन होने लगी. एक यात्री ने बताया कि वे सभी मौत के मुंह में थे. उन्होंने कहा, “हम लगातार प्रार्थना कर रहे थे. पायलट ने हमें बताया था कि लैंडिंग गियर में कुछ दिक्कत आ गई है, लेकिन वे इसे ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं. 4 घंटे का वह समय हमारी जिंदगी का सबसे लंबा और डरावना समय था.” हुबली एयरपोर्ट पर मौजूद एक सूत्र ने पुष्टि की कि मौसम भी खराब था, जिसने पायलट की चुनौतियों को बढ़ा दिया था |
“बेंगलुरु में सुरक्षित लैंडिंग”: एयरपोर्ट प्रशासन का त्वरित एक्शन
फ्लाई91 के पायलट ने हुबली एयरपोर्ट एटीसी (ATC) को सूचित किया कि वे विमान को हुबली में लैंड नहीं करा सकते, और बेंगलुरु की ओर बढ़ रहे हैं. बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी की घोषणा कर दी गई. फायर टेंडर, एम्बुलेंस और सुरक्षाकर्मियों को रनवे पर तैनात कर दिया गया. विमान ने 20 मिनट के भीतर सुरक्षित रूप से लैंड किया |
फ्लाई91 एयरलाइंस ने एक बयान में पुष्टि की कि तकनीकी खराबी के कारण विमान को बेंगलुरु मोड़ना पड़ा. उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और वे इस घटना की आंतरिक जांच कर रहे हैं. सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं. बेंगलुरु पुलिस ने बताया कि यात्रियों को सुरक्षित रूप से टर्मिनल पर ले जाया गया, और उनकी हुबली वापसी के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है |
“विमान में तकनीकी गड़बड़ी आना सामान्य नहीं है, लेकिन पायलट ने बेहद धैर्य और पेशेवर रुख दिखाया. खराब मौसम और लैंडिंग गियर की समस्या के बीच 4 घंटे तक विमान को हवा में रखना और फिर बेंगलुरु में सुरक्षित लैंड कराना, पायलट की बड़ी जीत है. यह स्पष्ट है कि हमारी ट्रेनिंग इस तरह के क्षणों के लिए है.”
— रिटायर्ड एयर मार्शल, विमान सुरक्षा विशेषज्ञ

