महासमुंद। महासमुंद में कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी अब खुलकर सड़क पर आ गई है। महंगाई जैसे गंभीर मुद्दे पर बुलाई गई प्रेसवार्ता अचानक ‘पावर शो’ में बदल गई और फिर देखते ही देखते दफ्तर अखाड़ा बन गया। मामला इतना बढ़ा कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और दोनों पक्षों पर एफआईआर दर्ज करनी पड़ी।
कम भीड़ बनी चिंगारी, भड़की अंदरूनी जंग:
सूत्रों के मुताबिक, प्रेसवार्ता में अपेक्षा से कम कार्यकर्ता पहुंचे थे। इसी बात को लेकर नेताओं के बीच तकरार शुरू हुई, जिसने गुटबाजी की पुरानी दरारों को उजागर कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मामूली बहस अचानक उग्र हो गई और दोनों गुट आमने-सामने आ गए।
आरोप-प्रत्यारोप से सीधे हाथापाई तक:
पूर्व जिला कोषाध्यक्ष निर्मल जैन और जिला उपाध्यक्ष विजय साव के बीच विवाद सबसे ज्यादा बढ़ा। आरोप है कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गाली-गलौज, धमकी और हाथापाई की। पुलिस ने दोनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है, जिसमें मारपीट और आपराधिक धमकी जैसे आरोप शामिल हैं।
कुर्सियां टूटीं, साख भी हिली:
घटना के दौरान कांग्रेस कार्यालय के भीतर जमकर तोड़फोड़ हुई—कुर्सियां, टेबल और कांच के सामान चकनाचूर हो गए। पुलिस के पहुंचने के बाद हालात काबू में आए। जिला अध्यक्ष ने भले ही संगठनात्मक कार्रवाई की बात कही हो, लेकिन इस घटनाक्रम ने पार्टी की स्थानीय साख और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

