कुरुद। किसानों को उनके घर के समीप ही बेहतर और त्वरित कृषि सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कुरुद विधानसभा क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया गया है। क्षेत्रीय विधायक अजय चंद्राकर एवं कोऑपरेटिव बैंक रायपुर के अध्यक्ष निरंजन सिंह की पहल पर क्षेत्र में आधा दर्जन (छह) नई सहकारी समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों का वर्चुअल उद्घाटन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं विभागीय मंत्री केदार कश्यप द्वारा किया गया। इस अवसर पर स्थानीय स्तर पर भी भव्य किसान सम्मेलनों का आयोजन किया गया।

किसानों की बढ़ती संख्या और सुविधाओं में सुगमता लाने के उद्देश्य से बड़ी सहकारी समितियों का विभाजन किया गया। इसके तहत कुरुद विधानसभा के भुसरेंगा, अटंग, कोलयारी तथा भखारा क्षेत्र के पचपेड़ी, भेण्डरा और सिलौटी में नई समितियों का गठन किया गया है। इस पहल से अब किसानों को स्थानीय स्तर पर ही सेवाएं मिल सकेंगी।
हर सोसायटी में हुए गरिमामय कार्यक्रम:
सिलौटी समिति- जनपद अध्यक्ष गीतेश्वरी साहू के नेतृत्व में फीता काटकर शुभारंभ किया गया। इस दौरान जुगदेही सोसायटी अध्यक्ष भोलाराम साहू, सरपंच अनिल राव शिंदे और दुलार सिन्हा सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
अटंग समिति- यहां आयोजित कार्यक्रम में गौकरण साहू, कुलेश्वरी सुनील गायकवाड़, निर्मल चंद्राकर, कृष्णकांत साहू, हरीशंकर सोनवानी, उर्वशी बांधेकर, गायत्री चेलक, सोसायटी अध्यक्ष आदर्श चंद्राकर, प्रभात बैस एवं बैंक प्रबंधक टी.के. बैस उपस्थित रहे।
भुसरेंगा समिति- कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति चंद्राकर, सोसायटी अध्यक्ष कुलेश्वर चंद्राकर, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष विनय चंद्राकर, तिलोकचंद जैन, लोकेश्वर सिन्हा, हर्षवर्धन चंद्राकर, ऐवन साहू एवं ललिता साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
भेण्डरा समिति- यहां जिला पंचायत सभापति पूजा सिन्हा, भीमदेव साहू,नन्दकुमार साहू, ज्योति मण्डावी, रेखा साहू और हरीश चंद्राकर की मौजूदगी में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
पचपेड़ी समिति- यहां जनपद उपाध्यक्ष सतीश जैन, संतोष यादव, विनय साहू, डिकेश्वरी देवांगन, राकेश पटेल, पुर्णिमा धनकर और विजय गोस्वामी सहित कई जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता निभाई।
किसानों को मिलेगा सीधा लाभ:
नई समितियों के गठन से किसानों को अब खाद-बीज, कृषि ऋण और समर्थन मूल्य पर धान खरीदी जैसी सुविधाएं अपने गांव के नजदीक ही मिलेंगी। इससे उन्हें दूरस्थ समितियों तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे समय और लागत दोनों की बचत होगी।
सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई:
किसान सम्मेलनों में जनप्रतिनिधियों ने सरकार की किसान-हितैषी नीतियों को रेखांकित करते हुए कहा कि सहकारिता के विस्तार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। नई समितियों के गठन से क्षेत्र के किसानों में उत्साह और विश्वास का माहौल है।

