- बड़ी कैजुअल्टी: तेहरान के दक्षिण-पश्चिम में एक रिहायशी इमारत पर हुए हवाई हमले में कम से कम 13 लोगों की जान चली गई।
- टारगेटेड स्ट्राइक: अमेरिका और इजरायल ने ईरान की प्रतिष्ठित शरीफ यूनिवर्सिटी को निशाना बनाया है।
- डेडलाइन प्रेशर: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दी गई समय-सीमा खत्म होने से ठीक पहले हमलों की तीव्रता बढ़ाई गई।
Donald Trump Iran Deadline , तेहरान — मिडिल ईस्ट में तनाव अब खूनी संघर्ष में बदल चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दी हुई डेडलाइन जैसे-जैसे करीब आ रही है, वैसे-वैसे अमेरिका और इजरायल ने अपनी ‘फिल्डिंग’ आक्रामक कर दी है। सोमवार सुबह तेहरान के दक्षिण-पश्चिम इलाके में एक रिहायशी इमारत पर भीषण बमबारी हुई, जिसमें 13 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। ईरानी मीडिया ने पुष्टि की है कि इस हमले में रिहायशी इलाकों के साथ-साथ शरीफ यूनिवर्सिटी को भी भारी नुकसान पहुँचाया गया है।
मैदान पर तबाही: शरीफ यूनिवर्सिटी और रिहायशी ठिकानों पर ‘नॉकआउट’ वार
हमले की तीव्रता ने तेहरान के डिफेंस सिस्टम को हिलाकर रख दिया है। अमेरिकी जेट्स ने सटीक निशानों पर बम बरसाए हैं।
- भारी नुकसान: दक्षिण-पश्चिम तेहरान की रिहायशी इमारतों को मलबे में तब्दील कर दिया गया है।
- यूनिवर्सिटी पर हमला: शरीफ यूनिवर्सिटी, जो ईरान का बौद्धिक केंद्र मानी जाती है, वहां भी धमाके सुने गए।
- हवाई घेराबंदी: इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से ईरान के एयर स्पेस को चुनौती देते हुए कई राउंड स्ट्राइक की।
राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है। मलबे के नीचे कई और लोगों के दबे होने की आशंका है, जिससे मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है। ट्रंप प्रशासन ने साफ कर दिया है कि समय खत्म होने के बाद कार्रवाई और भी घातक होगी।
“अमेरिका और इजरायल ने रिहायशी इलाकों और शिक्षा संस्थानों को निशाना बनाकर अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन किया है। 13 बेगुनाह लोगों की जान गई है और इसका अंजाम अमेरिका को भुगतना होगा।”
— ईरानी मीडिया प्रवक्ता, तेहरान
