अंदरूनी टकराव खत्म, नई टीम के साथ नई शुरुआत
यह सिर्फ एक सूची नहीं थी। यह एक संकेत था। पिछले कुछ दिनों से पार्टी के भीतर खींचतान की खबरें हवा में तैर रही थीं। गलियारों में फुसफुसाहट थी—कौन रहेगा, कौन बाहर होगा। फिर आया यह फैसला। एक झटके में पुरानी सूची खत्म। नई टीम सामने।
नई कार्यकारिणी में संतुलन साफ दिखता है। संगठन ने अनुभव और नए चेहरों को मिलाकर टीम बनाई है। 61 नाम—हर नाम के पीछे एक राजनीतिक समीकरण। हर पद एक रणनीति।कांग्रेस के एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने ऑफ रिकॉर्ड कहा, “इस बार चयन में काफी सोच-विचार हुआ है। हर वर्ग को ध्यान में रखा गया है।” आप महसूस कर सकते थे—जैसे ही सूची बाहर आई, पार्टी दफ्तर में हलचल तेज हो गई। मोबाइल फोन बजने लगे। बधाइयों का सिलसिला शुरू।

