कुरूद। कुरूद के एफ.बी. टाउन कॉलोनी, चर्रा रोड में उद्यान के लिए आरक्षित जमीन को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। श्री राम जन कल्याण समिति ने आरोप लगाया है कि पार्क के लिए सुरक्षित भूमि को कथित रूप से गुपचुप तरीके से बेचा जा रहा है, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए हैं।
समिति द्वारा एसडीएम कुरूद को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि कॉलोनी के स्वीकृत ले-आउट में दो स्थानों पर उद्यान के लिए भूमि आरक्षित है—एक चर्रा रोड की ओर तथा दूसरा डांडेसरा गांव की दिशा में। लेकिन अब इन जमीनों पर हो रही गतिविधियां संदेह पैदा कर रही हैं।
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, आरक्षित भूमि पर सीमेंट के पोल गाड़े जा चुके हैं, जो संभावित प्लॉटिंग या विक्रय की ओर इशारा करते हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि यदि यह जमीन सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित है, तो फिर यहां इस तरह की गतिविधियां किसकी अनुमति से संचालित हो रही हैं?
समिति के अध्यक्ष जॉनसन सिंह, सचिव गणेश यादव एवं कोषाध्यक्ष चन्द्रसेन ध्रुव का कहना है कि कॉलोनी में प्लॉट बेचते समय उद्यान, खेलकूद और अन्य सामाजिक सुविधाओं का वादा किया गया था। अब यदि वही जमीन बेची जा रही है, तो यह न केवल नियमों की अनदेखी है, बल्कि रहवासियों के साथ धोखा भी माना जाएगा।
समिति ने आशंका जताई है कि अज्ञात एजेंटों के माध्यम से यह पूरा खेल संचालित किया जा रहा है। हालांकि, इस मामले में अब तक आधिकारिक रूप से कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन उठते सवालों ने प्रशासन की भूमिका को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है।समिति ने प्रशासन से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर पूरे मामले की गहन जांच की जाए और यदि अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में महेश गंजीर, दिनेश साहू, मिनेश चंद्राकर, रविन्द्र गिरी गोस्वामी एवं मनोज साहू सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या आरक्षित उद्यान भूमि को बचाया जा सकेगा या नहीं।

