जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के जल संसाधन विभाग (WRD) में पदस्थ एक उच्चाधिकारी की नियुक्ति और उनके शैक्षणिक दस्तावेजों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्राप्त शिकायतों के अनुसार, जगदलपुर में कार्यरत एक कार्यपालन अभियंता (EE) की सर्विस बुक में दर्ज जानकारियों और वास्तविक प्रमाणपत्रों के मिलान में बड़ी खामियां होने का दावा किया गया है।
सर्विस बुक में विवरण ‘अपूर्ण’ होने का दावा:
विभागीय सूत्रों और प्राप्त जानकारी के मुताबिक, संबंधित अधिकारी की सर्विस बुक में उनकी शैक्षणिक योग्यता का कॉलम संदेह के घेरे में है:
रोल नंबर का अभाव:
आरोप है कि सर्विस बुक में वर्ष 2006 में हाई स्कूल उत्तीर्ण करने का उल्लेख तो किया गया है, लेकिन वहां अनिवार्य ‘रोल नंबर’ दर्ज नहीं है।
दस्तावेजों की कमी:
शिकायत में यह भी कहा गया है कि नियमानुसार सर्विस बुक के साथ शैक्षणिक प्रमाणपत्रों (मार्कशीट/डिग्री) की प्रमाणित प्रतियां संलग्न होनी चाहिए, जो इस मामले में अनुपलब्ध बताई जा रही हैं।
नियमों की अनदेखी: वर्ष 2009 में हुई इस नियुक्ति को लेकर अब यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या उस समय विभाग द्वारा दस्तावेजों का अनिवार्य भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया गया था।
पारदर्शी जांच की मांग:
मामला चर्चा में आने के बाद, अब शासन और प्रशासन से इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। शिकायतकर्ता का तर्क है कि:
संबंधित अधिकारी द्वारा प्रस्तुत सभी डिग्रियों और प्रमाणपत्रों का संबंधित शिक्षा बोर्ड व विश्वविद्यालय से गोपनीय (Confidential) सत्यापन कराया जाए।
जांच पूरी होने तक स्थिति स्पष्ट की जाए कि आखिर बिना पूर्ण विवरण के जॉइनिंग की प्रक्रिया कैसे पूरी हुई।
प्रशासनिक हलकों में चर्चा:
वर्तमान में इस पूरे प्रकरण पर जल संसाधन विभाग के उच्चाधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। चर्चा है कि यदि इन आरोपों में सत्यता पाई जाती है, तो यह विभाग की चयन और सत्यापन प्रक्रिया पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न होगा।
