Degital Desk CG
वाड्रफनगर– नवरात्रि के पावन अवसर पर बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर क्षेत्र में भक्ति, आस्था और सांस्कृतिक रंगों का अद्भुत संगम देखने को मिला। हिन्दू नव वर्ष की शुरुआत के साथ ही प्रारंभ हुए इस पवित्र पर्व पर क्षेत्र में विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में बलंगी से वाड्रफनगर तक एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसने पूरे इलाके को भक्तिमय माहौल में सराबोर कर दिया।
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शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जिनमें महिलाएं, पुरुष, युवा और बच्चे सभी उत्साहपूर्वक भाग लेते नजर आए। पूरे मार्ग में “जय श्री राम” और “हर हर महादेव” के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भगवा ध्वज लेकर रैली में हिस्सा लिया और भक्ति भाव से भगवान का गुणगान किया। शोभायात्रा का स्वागत जगह-जगह पुष्प वर्षा और आरती के साथ किया गया, जिससे आयोजन और भी भव्य बन गया।

आकर्षक झांकियों ने जीता लोगों का दिल
रैली में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता और हनुमान जी के स्वरूप धारण किए कलाकार विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। इन झांकियों को देखने के लिए लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और सड़क किनारे खड़े होकर दर्शन किए। बच्चों और युवाओं में इन झांकियों को लेकर खासा उत्साह देखा गया। कलाकारों की वेशभूषा, भाव-भंगिमा और प्रस्तुति ने लोगों का मन मोह लिया।

शिव तांडव नृत्य बना मुख्य आकर्षण
इस शोभायात्रा का सबसे खास आकर्षण भगवान शिव और माता पार्वती के स्वरूप में प्रस्तुत किया गया शिव तांडव नृत्य रहा। राजीव गांधी चौक पर आयोजित इस प्रस्तुति को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग एकत्रित हुए। कलाकारों ने अपनी दमदार प्रस्तुति से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। ढोल-नगाड़ों और संगीत की धुन पर किया गया यह तांडव नृत्य लोगों के लिए यादगार बन गया।
डीजे और भक्ति संगीत पर झूमे श्रद्धालु
कार्यक्रम के दौरान डीजे की धुन पर भी श्रद्धालु जमकर झूमते नजर आए। भक्ति गीतों और धार्मिक संगीत के साथ युवाओं ने नृत्य कर उत्सव का आनंद लिया। पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया, जहां हर ओर खुशी और उल्लास का दृश्य देखने को मिला।
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
इतने बड़े आयोजन को देखते हुए प्रशासन और पुलिस द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। रैली के पूरे मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। यातायात व्यवस्था को भी सुचारू रूप से संचालित किया गया, जिससे लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
सामाजिक एकता और संस्कृति का संदेश
इस शोभायात्रा ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को भी जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। विभिन्न समाजों और वर्गों के लोगों ने एक साथ मिलकर इस आयोजन को सफल बनाया, जो क्षेत्र में भाईचारे और सद्भाव का प्रतीक बना।
चैत्र नवरात्रि के अवसर पर आयोजित यह भव्य शोभायात्रा वाड्रफनगर क्षेत्र के लिए एक यादगार आयोजन बन गई। हजारों लोगों की उपस्थिति और कलाकारों की शानदार प्रस्तुति ने इसे खास बना दिया। इस तरह के आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखते हैं, बल्कि समाज को जोड़ने और संस्कृति को जीवित रखने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
