CG NEWS : CRPF की 65वीं बटालियन का गरियाबंद में दबदबा ‘बेस्ट ऑपरेशन’ अवार्ड से सम्मानित, एक साल में 28 नक्सलियों का खात्मा

Versha Chouhan
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गुवाहाटी/गरियाबंद: छत्तीसगढ़ के घोर नक्सल प्रभावित गरियाबंद जिले में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 65वीं बटालियन ने देश भर में अपनी बहादुरी का लोहा मनवाया है। शनिवार (21 फरवरी, 2026) को असम के गुवाहाटी में आयोजित 87वें सीआरपीएफ दिवस समारोह में इस बटालियन को ‘बेस्ट ऑपरेशनल बटालियन’ के प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बटालियन की साहसिक उपलब्धियों की सराहना करते हुए यह सम्मान प्रदान किया।

एक साल का शानदार रिपोर्ट कार्ड: 2 CC मेंबर समेत 28 नक्सली ढेर

65वीं बटालियन ने गरियाबंद के दुर्गम जंगलों और पहाड़ियों में नक्सलियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। पिछले एक साल (जनवरी 2025 से जनवरी 2026) के भीतर बटालियन ने कई ऐतिहासिक सफलताएं हासिल कीं:

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  • कुख्यात नक्सलियों का अंत: बटालियन ने गरियाबंद-ओडिशा सीमा पर संयुक्त ऑपरेशनों के दौरान 28 खूंखार नक्सलियों को मार गिराया।

  • CC मेंबर्स का खात्मा: मारे गए नक्सलियों में दो अत्यंत प्रभावशाली सेंट्रल कमेटी (CC) के सदस्य (मोदाम बालकृष्ण उर्फ मनोज और जयराम उर्फ चलपति) शामिल थे, जिन पर करोड़ों रुपये का इनाम घोषित था।

  • बड़ी बरामदगी: मुठभेड़ों के दौरान भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार (AK-47, SLR), विस्फोटक (IED) और नक्सली साहित्य बरामद किया गया।

गृह मंत्री अमित शाह ने थपथपाई पीठ

समारोह के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने 65वीं बटालियन के कंपनी कमांडर राधेश्याम सिंह को अवार्ड देकर सम्मानित किया। शाह ने अपने संबोधन में कहा:

“प्रधानमंत्री मोदी के ‘नक्सल मुक्त भारत’ के संकल्प को सिद्ध करने में 65वीं बटालियन का योगदान अतुलनीय है। 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त करने के हमारे लक्ष्य में ऐसे जांबाज जवानों की अहम भूमिका है।”

दुर्गम क्षेत्रों में बनाया अभेद्य किला

गरियाबंद के कुल्हाड़ीघाट, छिंदोला, ओड और बिंद्रानवागढ़ जैसे अति संवेदनशील इलाकों में 65वीं बटालियन की पांच कंपनियां सक्रिय हैं। बटालियन की सटीक रणनीतियों और मजबूत इंटेलिजेंस नेटवर्क का ही नतीजा है कि पिछले एक साल में 29 नक्सलियों ने हथियार डालकर मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया है।

कंपनी कमांडर राधेश्याम सिंह ने इस सम्मान को अपने जवानों के नाम करते हुए कहा कि यह पुरस्कार हमारे शहीद साथियों को सच्ची श्रद्धांजलि है और यह हमें आने वाले समय में और अधिक मुस्तैदी से काम करने की प्रेरणा देगा।

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