CG Education Department : बायोमेट्रिक डिवाइस की मांग, शिक्षक जवाबदेही से बचने की रणनीति?

Versha Chouhan
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CG Education Department रायगढ़ | शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों में पारदर्शिता लाने और शिक्षकों की समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए शुरू किया गया ‘ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम’ रायगढ़ जिले में दम तोड़ता नजर आ रहा है। आलम यह है कि जिले के करीब 70% शिक्षक इस डिजिटल व्यवस्था को ठेंगा दिखा रहे हैं। विभाग की सख्ती के दावों के बावजूद जमीनी हकीकत यह है कि हजारों शिक्षक आज भी पुरानी र्रिवायत के भरोसे ही अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं।

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सिर्फ 30% शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी

विभागीय आंकड़ों पर नजर डालें तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आते हैं। जिले के प्राथमिक, माध्यमिक, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में कुल 8,154 शिक्षक पदस्थ हैं। इनमें से महज 2,355 शिक्षक ही नियमित रूप से ऑनलाइन हाजिरी दर्ज कर रहे हैं। शेष 5,799 शिक्षक या तो इस सिस्टम से जुड़े ही नहीं हैं या जानबूझकर दूरी बनाए हुए हैं।

नेटवर्क और स्मार्टफोन का ‘पुराना बहाना’

डिजिटल अटेंडेंस से बचने के लिए शिक्षकों के पास बहानों की लंबी फेहरिस्त है। कोई नेटवर्क कनेक्टिविटी न होने का रोना रो रहा है, तो किसी के पास एंड्रॉयड फोन नहीं होने का तर्क है। शिक्षकों का एक धड़ा अब यह मांग कर रहा है कि ऑनलाइन ऐप के बजाय बायोमेट्रिक डिवाइस की व्यवस्था की जाए। हालांकि, जानकारों का मानना है कि यह केवल समय काटने और जवाबदेही से बचने की रणनीति है।

विभाग की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

हैरानी की बात यह है कि समग्र शिक्षा विभाग द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किए जाने के बाद भी लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। विभाग की इसी ढुलमुल कार्यप्रणाली के कारण शिक्षकों के हौसले बुलंद हैं और वे डिजिटल हाजिरी को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।

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