By-यशवंत गंजीर, कुरुद(धमतरी)।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को ‘अवैध प्लाटिंग’ का मुद्दा सियासी भूचाल बनकर उभरा . सदन में हालात उस वक्त असहज हो गए, जब विपक्ष के सवालों को सत्ता पक्ष के ही वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर के तीखे तेवरों का साथ मिल गया .
धमतरी जिले में बेलगाम हो चुकी अवैध प्लाटिंग और प्रशासनिक निष्क्रियता को लेकर सिहावा विधायक अंबिका मरकाम और धमतरी विधायक ओंकार साहू ने मोर्चा खोला . दोनों ने आरोप लगाया कि जमीन पर भू-माफियाओं का नेटवर्क सक्रिय है, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में कार्रवाई शून्य दिखाई जा रही है .
प्रश्नकाल के दौरान मरकाम ने अनधिकृत कॉलोनियों और निर्माण का मुद्दा उठाया, तो ओंकार साहू ने विभागीय रिपोर्ट को ही कठघरे में खड़ा कर दिया . उन्होंने दस्तावेजों के साथ दावा किया कि नियमों को ताक पर रखकर प्लाटिंग का खेल चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार महकमे आंख मूंदे बैठे हैं . विपक्ष ने सीधे तौर पर राजनीतिक संरक्षण का आरोप लगाया .
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इसी बीच सत्तापक्ष की बेंच से उठे अजय चंद्राकर ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया . उन्होंने कहा कि यदि अवैध प्लाटिंग रोकना केवल भू-स्वामी की जिम्मेदारी है, तो राजस्व विभाग और स्थानीय निकायों की भूमिका क्या रह जाती है . “क्या शासन सिर्फ कागजी नियम बनाने तक सीमित है . जब यह खेल आम जनता को दिख रहा है, तो प्रशासन को क्यों नहीं दिखता . यह लापरवाही है या मिलीभगत”—उनके इन सवालों ने सदन में सन्नाटा खींच दिया .
- चंद्राकर ने आगे यह भी पूछा कि
- अवैध प्लाटिंग रोकने की ठोस नीति क्या है .
- अब तक कितनी प्रभावी कार्रवाई हुई .
- लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही कब तय होगी .
इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मामले को ‘संगठित सिंडिकेट’ करार देते हुए EOW जांच की मांग दोहराई . उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री और डायवर्सन नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है, जिससे शहरी अव्यवस्था बढ़ने का खतरा है .
सरकार की ओर से कार्रवाई के दावे किए गए, लेकिन विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ . जवाबों से नाराज विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए दो बार सदन से वॉकआउट किया, जिससे सत्र का माहौल और अधिक गरमा गया .
नतीजा:
इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया कि अवैध प्लाटिंग अब महज स्थानीय समस्या नहीं रही . सत्तापक्ष के भीतर से उठे सवालों ने सरकार की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं . अब नजर इस बात पर है कि सरकार प्रशासनिक कसावट दिखाती है या यह मुद्दा आगे भी सियासी ताप बढ़ाता रहेगा .
