- बड़ा प्रतिबंध: 1 किलोमीटर के अति-संवेदनशील घेरे में पोल्ट्री उत्पादों की बिक्री और परिवहन पर 90 दिनों की रोक।
- डिफेंस लाइन: संक्रमण रोकने के लिए 10 किलोमीटर के इलाके को निगरानी क्षेत्र (Surveillance Zone) घोषित किया गया।
- कलेक्टर का एक्शन: संजय अग्रवाल ने जारी की लिखित गाइडलाइन; नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई।
Bird Flu Alert , बिलासपुर — बिलासपुर जिले में बर्ड फ्लू के खतरे ने प्रशासन को ‘अटैक मोड’ में ला दिया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए एक बेहद सख्त सुरक्षा घेरा तैयार किया है। नई गाइडलाइन के तहत, बर्ड फ्लू के केंद्र से 1 किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह लॉक कर दिया गया है। अगले 3 महीनों तक इस क्षेत्र में न तो चिकन बिकेगा और न ही अंडों की आवाजाही होगी। यह फैसला किसी ‘नॉकआउट’ वार की तरह है ताकि वायरस इंसानी आबादी तक न पहुंच सके।
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मैदान का हाल: 1KM और 10KM की ‘घेराबंदी’
प्रशासन ने इस मुकाबले को दो प्रमुख जोन में बांटा है। 1 किलोमीटर का दायरा ‘हॉटस्पॉट’ है, जबकि 10 किलोमीटर का क्षेत्र ‘बफर जोन’ की तरह काम करेगा।
- 1KM जोन (रेड जोन): यहां पोल्ट्री फार्मिंग और बिक्री पूरी तरह जीरो रहेगी। किसी भी वाहन को पोल्ट्री सामान के साथ प्रवेश की अनुमति नहीं है।
- 10KM जोन (निगरानी): इस बड़े घेरे में स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग की टीमें लगातार सैंपलिंग करेंगी। हर हलचल पर पैनी नजर है।
- टाइमलाइन: 1 किलोमीटर क्षेत्र में प्रतिबंध की अवधि 3 महीने तय की गई है।
बिलासपुर जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा के मामले में कोई ‘मिसफील्डिंग’ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्रामीण और शहरी इलाकों के पोल्ट्री संचालकों को अपनी इन्वेंट्री का पूरा हिसाब देने के निर्देश दिए गए हैं।
“संक्रमण के प्रसार को रोकना हमारी पहली प्राथमिकता है। 1 किलोमीटर का दायरा सबसे ज्यादा जोखिम वाला है, इसलिए वहां पूरी तरह पाबंदी लगाई गई है। लोग घबराएं नहीं, बस सतर्क रहें और गाइडलाइन का पालन करें।” — संजय अग्रवाल, कलेक्टर, बिलासपुर

