By-Kuleshwar Kuswaha
बलरामपुर-जिला शिक्षा अधिकारी क द्वारा शासकीय कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने वाले एक सहायक शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई आकस्मिक निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं के आधार पर की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 26 फरवरी 2026 को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गेना में आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि विद्यालय में पदस्थ सहायक शिक्षक (विज्ञान प्रयोगशाला) श् शिवेश कुमार पटेल 25 फरवरी 2026 से 26 फरवरी 2026 तक बिना किसी पूर्व सूचना एवं सक्षम अधिकारी की अनुमति के अनुपस्थित रहे। इस प्रकार की लापरवाही को गंभीर मानते हुए विभाग ने इसे कर्तव्यहीनता की श्रेणी में रखा।
इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा 27 फरवरी 2026 को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था, जिसमें संबंधित शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा गया। शिक्षक द्वारा 02 मार्च 2026 को अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया गया, किन्तु विभागीय परीक्षण के बाद उनका उत्तर संतोषजनक नहीं पाया गया। विभाग ने स्पष्ट किया कि प्रस्तुत स्पष्टीकरण तथ्यहीन एवं असंगत है, जिससे निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं का संतोषजनक निराकरण नहीं हो सका।
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि शिक्षक का यह आचरण न केवल शासकीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही दर्शाता है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के प्रावधानों का भी स्पष्ट उल्लंघन है। विशेष रूप से नियम-3 के तहत अपेक्षित आचरण मानकों का पालन नहीं किया गया, जो कि किसी भी शासकीय कर्मचारी के लिए अनिवार्य होता है।

इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम-9(1)(क) के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए शिवेश कुमार पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, रामचंद्रपुर (वाड्रफनगर) निर्धारित किया गया है।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान संबंधित शिक्षक को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा, जैसा कि मूल नियम-53 के अंतर्गत प्रावधानित है। विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि मामले की आगे विस्तृत जांच की जा सकती है और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
इस कार्रवाई की सूचना कलेक्टर बलरामपुर-रामानुजगंज, विकासखंड शिक्षा अधिकारी वाड्रफनगर/रामचंद्रपुर तथा संबंधित विद्यालय के प्राचार्य को भी प्रेषित कर दी गई है, ताकि आवश्यक प्रशासनिक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।
शिक्षा विभाग की इस सख्त कार्रवाई को शासकीय कार्यप्रणाली में अनुशासन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कर्तव्य के प्रति लापरवाही और अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल है और अभिभावकों एवं नागरिकों ने भी शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार हेतु इस प्रकार की सख्ती को आवश्यक बताया है। शिक्षा विभाग की ओर से भविष्य में भी नियमित निरीक्षण और अनुशासनात्मक कार्रवाई जारी रखने के संकेत दिए गए हैं
