Bhiwadi Fire Incident : केमिकल फैक्ट्री में धमाकों के बाद तांडव, 7 मजदूर जिंदा जले, कंकाल बने शव देख कांप उठी रूह

Versha Chouhan
3 Min Read

भिवाड़ी (खैरथल-तिजारा)। राजस्थान के प्रमुख औद्योगिक केंद्र भिवाड़ी के खुशखेड़ा इलाके में सोमवार की सुबह खुशियों के बजाय मातम लेकर आई। खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक केमिकल फैक्ट्री (प्लॉट नंबर G-1-118 B) में सोमवार सुबह भीषण धमाकों के बाद आग लग गई। इस दिल दहला देने वाले हादसे में कम से कम 7 मजदूरों की जिंदा जलने से दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि कई अन्य घायल हैं।

सुबह 9:22 पर गूंजा ‘मौत का सायरन’

जानकारी के अनुसार, हादसा सुबह करीब 9:30 बजे हुआ जब फैक्ट्री में 20 से 25 मजदूर काम कर रहे थे।

CG NEWS : दुर्ग लापरवाह पंचायत सचिवों पर गिरी गाज, CEO ने 16 सचिवों के वेतन कटौती के दिए निर्देश

  • अचानक धमाके: फैक्ट्री के भीतर रखे केमिकल ड्रमों में एक के बाद एक 3-4 भीषण धमाके हुए, जिससे पूरी बिल्डिंग आग की लपटों में घिर गई।

  • बचने का मौका नहीं मिला: आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर काम कर रहे श्रमिकों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।

  • कंकाल बने शव: रेस्क्यू टीम जब अंदर पहुंची तो वहां का नजारा भयावह था। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि बरामद हुए शव ‘मानव कंकाल’ में तब्दील हो चुके हैं, जिससे उनकी शिनाख्त करना भी मुश्किल हो रहा है।

पुलिस गश्त के दौरान चला पता

हैरानी की बात यह है कि इस भीषण आग का पता तब चला जब पुलिस की एक टीम नियमित गश्त पर थी। एडीएम सुमिता मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने धुआं उठते देख तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित किया, जिसके बाद रीको (RICO) और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

बताया जा रहा है कि यह फैक्ट्री पिछले कुछ महीनों से बंद पड़ी थी, लेकिन अंदर बड़ी मात्रा में गत्तों का स्टॉक और ज्वलनशील केमिकल मौजूद था।

  • लापरवाही की आशंका: शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग का कारण माना जा रहा है, लेकिन धमाकों की तीव्रता सिलेंडर फटने की ओर भी इशारा कर रही है।

  • जांच के आदेश: प्रशासन ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। फैक्ट्री में फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम थे या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page