By-Kuleshwar Kuswaha
बलरामपुर – जिला पंचायत प्रतिनिधि एवं पिछड़ा वर्ग के जिला अध्यक्ष अनिल कुशवाहा, ने होली के पावन अवसर पर अपने क्षेत्र क्रमांक 2 में व्यापक जनसंपर्क किया। उन्होंने बुजुर्गों से आशीर्वाद लिया और बच्चों के साथ रंग-गुलाल खेलकर होली की खुशियां साझा कीं। होली के महापर्व पर उन्होंने क्षेत्र के विभिन्न गांवों का भ्रमण कर लोगों से मुलाकात की और सभी को रंगों के इस त्योहार की शुभकामनाएं दीं।
गांव-गांव पहुंचकर जाना हालचाल ….
होली के दिन अनिल कुशवाहा स्याही, प्रेम नगर, कोटराही सहित अन्य ग्रामों में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने घर-घर जाकर ग्रामीणों का हालचाल जाना और बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। ग्रामीणों ने उनका आत्मीय स्वागत किया और मिठाई खिलाकर होली की बधाई दी। ग्रामीणों का कहना है कि पर्व के अवसर पर जनप्रतिनिधि का इस तरह उनके बीच पहुंचना आपसी विश्वास और जुड़ाव को और मजबूत करता है। कार्यक्रम के दौरान गांव के सरपंच, सचिव और वरिष्ठ नागरिक भी उपस्थित रहे।
होली के रंगों से सराबोर माहौल में अनिल कुशवाहा ने बच्चों और युवाओं के साथ गुलाल लगाकर पर्व का आनंद उठाया। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक गीतों के बीच उन्होंने प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी मेल-मिलाप और एकता का प्रतीक है। इस अवसर पर हमें आपसी मतभेद भुलाकर समाज में सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लेना चाहिए।

विकास कार्यों को लेकर दोहराई प्रतिबद्धता …
पर्व के दौरान ग्रामीणों से चर्चा करते हुए उन्होंने क्षेत्र के विकास कार्यों को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र क्रमांक 2 में सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगे भी प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्यों को गति दी जाएगी। ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं साझा कीं, जिस पर उन्होंने शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया।
होली मिलन कार्यक्रम के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्साह और सौहार्द का वातावरण देखने को मिला। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने मिलकर रंगों का त्योहार मनाया।
अनिल कुशवाहा ने सभी क्षेत्रवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि क्षेत्र की एकजुटता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। उनका यह जनसंपर्क कार्यक्रम क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा और लोगों ने इसे जनप्रतिनिधि की सक्रियता और जनता से जुड़े रहने की भावना का प्रतीक बताया।



