By-Kuleshwar Kuswaha
बलरामपुर- जिले में शिक्षा विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए एक प्राचार्य को निलंबित कर दिया है। मामला गणतंत्र दिवस के अवसर पर स्कूल परिसर में छात्रों द्वारा भोजपुरी गाने पर डांस करने से जुड़ा हुआ है। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद विभाग ने इसे गंभीरता से लिया और जांच के बाद कार्रवाई की गई। यह पूरा मामला रामचंद्रपुर स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय का बताया जा रहा है।

गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान हुआ डांस

गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान हुआ डांस
बताया जा रहा है कि 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के मौके पर स्कूल में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसी दौरान कुछ छात्रों ने मंच पर भोजपुरी गाने पर प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के दौरान बनाए गए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिसके बाद मामला तूल पकड़ने लगा। स्थानीय लोगों और कुछ अभिभावकों ने इसे राष्ट्रीय पर्व की गरिमा के अनुरूप नहीं बताया और आपत्ति जताई।

वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप

वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप
वीडियो वायरल होते ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की प्रारंभिक जांच कराई। जांच में कार्यक्रम के संचालन और गीत चयन को लेकर लापरवाही पाए जाने की बात सामने आई। अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर कार्यक्रमों की विषयवस्तु गरिमामय और प्रेरणादायक होनी चाहिए। इस संबंध में पहले से दिशा-निर्देश जारी रहते हैं।

प्राचार्य को किया गया सस्पेंड
जांच रिपोर्ट के आधार पर विद्यालय के प्राचार्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। विभाग ने इसे प्रशासनिक जिम्मेदारी में कमी मानते हुए कार्रवाई की है। सूत्रों के मुताबिक, उच्च अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसे मामलों में सख्त अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएंगे।
अभिभावकों और स्थानीय लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
मामले को लेकर क्षेत्र में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग कार्रवाई को उचित बता रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम को लेकर इतनी बड़ी कार्रवाई आवश्यक नहीं थी। हालांकि शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि राष्ट्रीय पर्व की गरिमा बनाए रखना सभी शिक्षण संस्थानों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
आगे की कार्रवाई पर नजर
विभाग द्वारा यह भी संकेत दिया गया है कि अन्य संबंधित शिक्षकों की भूमिका की भी समीक्षा की जा सकती है। फिलहाल पूरे मामले पर जिला प्रशासन की नजर बनी हुई है। बलरामपुर में हुई इस कार्रवाई ने स्कूलों में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

