बलरामपुर जिले की मध्य प्रदेश सीमा से सटी ग्राम पंचायत तुगुवा स्थित शासकीय माध्यमिक शाला इन दिनों शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान बना रही है। सीमावर्ती और ग्रामीण क्षेत्र में स्थित यह विद्यालय अपने नवाचार, अनुशासित वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है। विद्यालय में बच्चों को नियमित पाठ्यक्रम के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और रोजगार-मुखी शिक्षा भी प्रदान की जा रही है, जो इसे अन्य शासकीय विद्यालयों से अलग बनाती है।

विद्यालय में अपनाई गई शिक्षण पद्धति निजी विद्यालयों की तर्ज पर प्रभावी दिखाई दे रही है। शिक्षक विद्यार्थियों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रखते, बल्कि व्यवहारिक ज्ञान, जीवन कौशल और भविष्य की तैयारी पर भी विशेष ध्यान दे रहे हैं। कक्षा शिक्षण में नवाचार, विषयों को रोचक ढंग से समझाने की शैली और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ी है।
विद्यालय परिसर में स्वच्छता, अनुशासन और सकारात्मक माहौल पर विशेष जोर दिया जा रहा है। बच्चों में शिष्टाचार, समयपालन और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए नियमित गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं। इसका परिणाम यह है कि विद्यार्थी न केवल शैक्षणिक रूप से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, बल्कि उनके व्यवहार और आत्मविश्वास में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।

इस शैक्षणिक व्यवस्था से अभिभावक भी संतुष्ट नजर आ रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि सरकारी विद्यालय होने के बावजूद यहाँ बच्चों को बेहतर शिक्षा, संस्कार और मार्गदर्शन मिल रहा है। कई अभिभावकों ने यह भी बताया कि अब उन्हें अपने बच्चों को निजी विद्यालयों में भेजने की आवश्यकता महसूस नहीं होती।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि ऐसी शिक्षण व्यवस्था को अन्य शासकीय विद्यालयों में भी लागू किया जाए, तो सरकारी स्कूलों की छवि पूरी तरह बदल सकती है। उनका कहना है कि यह विद्यालय इस बात का उदाहरण है कि संसाधनों की सीमाओं के बावजूद यदि शिक्षक समर्पित हों, तो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संभव है।
विद्यालय के कार्यों की सराहना जिला प्रशासन द्वारा भी की जा रही है। जिला कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने विद्यालय की पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि यहाँ के शिक्षक बच्चों को रोजगार-मुखी शिक्षा, गुणवत्तापूर्ण पाठ्यक्रम और बेहतर स्कूल वातावरण प्रदान कर रहे हैं, जो भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने भी विद्यालय की प्रशंसा करते हुए कहा कि तुगुवा की शासकीय माध्यमिक शाला अन्य विद्यालयों के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मॉडल को जिले के अन्य शासकीय विद्यालयों में भी अपनाया जाएगा।
कुल मिलाकर, ग्राम पंचायत तुगुवा की शासकीय माध्यमिक शाला यह साबित कर रही है कि सही दृष्टिकोण, नवाचार और शिक्षकों की प्रतिबद्धता से सरकारी विद्यालय भी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं। यह विद्यालय न केवल छात्रों का भविष्य संवार रहा है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बनकर उभर रहा है।


