बलरामपुर – जिले के वाड्रफनगर ब्लाक अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बलंगी से स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। अस्पताल परिसर में भारी मात्रा में एक्सपायरी दवाइयों को कबाड़ के बीच फेंका हुआ पाया गया है। सबसे हैरानी की बात यह है कि इन दवाइयों का पिछले करीब 4 वर्षों से डिस्पोजल नहीं किया गया, जबकि राज्य शासन द्वारा समय-समय पर एक्सपायरी दवाओं के सुरक्षित निष्पादन के स्पष्ट निर्देश जारी किए जाते रहे हैं।Balrampur Breaking
स्थानीय लोगों और अस्पताल पहुंचे मरीजों ने जब अस्पताल परिसर में बिखरी पड़ी दवाइयों को देखा तो पूरे मामले पर सवाल खड़े होने लगे। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन की अनदेखी और जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण मरीजों की जान के साथ गंभीर खिलवाड़ किया जा रहा है।
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कबाड़ के बीच फेंकी गई जीवनरक्षक दवाइयां ….
जानकारी के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बलंगी के एक हिस्से में बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाइयों को बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के कबाड़ के साथ रखा गया था। इनमें कई प्रकार की टैबलेट, सिरप और अन्य जरूरी दवाइयां शामिल बताई जा रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो एक्सपायरी दवाइयों को खुले में रखना बेहद खतरनाक हो सकता है। इससे संक्रमण फैलने का खतरा रहता है, वहीं यदि गलती से इन दवाइयों का उपयोग हो जाए तो मरीजों की जान भी खतरे में पड़ सकती है।

नियमों को ताक पर रख कर 6 महीने से फार्मासिस्ट दूसरी जगह अटैच …
मामले में यह बात भी सामने आई है कि पिछले करीब 6 महीने से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बलंगी के फार्मासिस्ट को रघुनाथ नगर में अटैच कर दिया गया है। इसके बाद से दवाइयों के रखरखाव और रिकॉर्ड व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में नियमित निगरानी नहीं होने के कारण दवाइयों के स्टॉक और एक्सपायरी सामग्री का सही तरीके से प्रबंधन नहीं किया जा रहा। यही वजह है कि वर्षों पुरानी एक्सपायरी दवाइयां अब तक अस्पताल परिसर में पड़ी हुई हैं।

शासन के निर्देशों की उड़ाई जा रही धज्जियां …
राज्य शासन द्वारा अस्पतालों में एक्सपायरी दवाइयों के सुरक्षित डिस्पोजल को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन जारी की गई है। इसके तहत समय-समय पर एक्सपायरी दवाओं को अलग कर नियमानुसार नष्ट किया जाना आवश्यक होता है। लेकिन बलंगी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इन नियमों का पालन नहीं होने का मामला सामने आया है। अस्पताल परिसर में खुलेआम पड़ी दवाइयां विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इन दवाइयों का निष्पादन किया जाता तो ऐसी स्थिति निर्मित नहीं होती।
मरीजों की सुरक्षा पर उठे सवाल ….
अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि जिस अस्पताल में लोगों को स्वस्थ करने का काम होना चाहिए, वहीं लापरवाही के कारण मरीजों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि एक्सपायरी दवाइयां गलती से मरीजों तक पहुंच जाएं तो गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी तेज हो गई है।

जांच और कार्रवाई की मांग ….
पूरा मामला सामने आने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि अस्पतालों में इस तरह की लापरवाही सीधे तौर पर आम जनता के स्वास्थ्य से जुड़ी हुई है, इसलिए मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।
क्या कहते हैं नियम …
स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार एक्सपायरी दवाइयों को सामान्य कचरे के साथ नहीं रखा जा सकता। इन्हें अलग से सुरक्षित तरीके से संग्रहित कर अधिकृत एजेंसी के माध्यम से नष्ट किया जाना जरूरी होता है। इसके बावजूद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बलंगी में वर्षों से एक्सपायरी दवाइयों का ढेर लगा होना विभागीय मॉनिटरिंग पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बलंगी फिर सवालों के घेरे में ….
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बलंगी का यह मामला अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि यदि स्वास्थ्य विभाग समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारेगा तो भविष्य में और भी गंभीर लापरवाही सामने आ सकती है।Balrampur Breaking
फिलहाल अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और जिम्मेदारों पर कब तक जवाबदेही तय की जाती है।

