धमतरी। जिले के दूरस्थ और डुबान प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों को अब राजस्व मामलों के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की पहल पर अकलाडोंगरी और बोरई में लिंक कोर्ट की शुरुआत कर दी गई है, जिससे गांव स्तर पर ही प्रकरणों का त्वरित निराकरण संभव होगा।
3 अप्रैल को ग्राम अकलाडोंगरी के दौरे के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया था। इस दौरान लोगों ने राजस्व मामलों के लंबित रहने और दूर-दराज स्थित कार्यालयों तक पहुंचने में आने वाली परेशानियों को प्रमुखता से उठाया। इसके बाद प्रशासन ने त्वरित निर्णय लेते हुए लिंक कोर्ट शुरू करने की पहल की।
नई व्यवस्था के तहत सप्ताह में एक दिन तहसीलदार या नायब तहसीलदार संबंधित ग्राम पंचायत में उपस्थित होकर लंबित प्रकरणों की सुनवाई करेंगे और मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित करेंगे। इससे ग्रामीणों का समय और खर्च दोनों बचेगा, वहीं उन्हें अपने क्षेत्र में ही न्याय सुलभ हो सकेगा।
व्यवस्था के अनुसार, विकासखंड धमतरी के ग्राम पंचायत अकलाडोंगरी में प्रत्येक शुक्रवार को अतिरिक्त तहसीलदार या नायब तहसीलदार द्वारा सुनवाई की जाएगी। वहीं विकासखंड नगरी के ग्राम पंचायत बोरई में प्रत्येक गुरुवार को तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार मामलों का निराकरण करेंगे।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि लिंक कोर्ट के संचालन में पारदर्शिता, समयबद्धता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही इस सुविधा की जानकारी ग्राम स्तर पर व्यापक रूप से पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रशासन का मानना है कि यह पहल दूरस्थ क्षेत्रों में न्याय की पहुंच को आसान बनाने के साथ-साथ सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
