कटनी जिले की बहोरीबंद तहसील के ग्राम ककरेहटा से सरकारी व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां शासकीय उचित मूल्य की दुकान में हितग्राहियों को मिट्टी और कंकड़ मिला घटिया गेहूं वितरित किए जाने का आरोप लगा है। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसने खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
शनिवार शाम को राशन वितरण के दौरान सेल्समैन पूरन रैकवार द्वारा एक बोरी से बेहद निम्न गुणवत्ता का गेहूं निकालकर उपभोक्ताओं को दिया गया। इस गेहूं में भारी मात्रा में मिट्टी और कंकड़ पाए गए, जिसे देखकर हितग्राही भड़क उठे।
हितग्राहियों का आरोप
स्थानीय निवासी दुर्गेश चौधरी ने आरोप लगाया कि उन्हें जो गेहूं दिया गया, वह पूरी तरह अमानक था और यह गरीबों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। उन्होंने यह भी कहा कि इस दुकान पर पहले भी कई बार ऐसा घटिया राशन बांटा जा चुका है।
विरोध के बाद मचा हड़कंप
घटना का वीडियो बनते ही राशन दुकान में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों के तीखे विरोध के बाद तत्काल उस खराब गेहूं के वितरण को रोक दिया गया और जिन लोगों को वह अनाज दिया गया था, उनसे वापस ले लिया गया।
सेल्समैन की सफाई
सेल्समैन पूरन लाल रैकवार ने इसे एक बोरी की गलती बताते हुए कहा कि जैसे ही खराब गेहूं का पता चला, उसे अलग कर दिया गया और वितरित अनाज भी वापस ले लिया गया।
विभागीय दावों पर सवाल
यह घटना खाद्य विभाग और नागरिक आपूर्ति प्रणाली की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि वेयरहाउस से राशन दुकानों तक अनाज की गुणवत्ता की जांच नहीं हो रही, तो गरीबों के हक की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी?
ग्रामीणों ने इस पूरे मामले में उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
