अमेठी में रसोई गैस का संकट लगातार गहराता जा रहा है। आपूर्ति सामान्य होने के दावों के बीच जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक उपभोक्ता गैस सिलेंडर के लिए भटकने को मजबूर हैं।
गैस एजेंसियों पर सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं। कई स्थानों पर हालात ऐसे हैं कि करीब 1 किलोमीटर तक लाइनें लग रही हैं। भीषण गर्मी के बीच बुजुर्ग, महिलाएं और युवा सभी सिलेंडर की आस में घंटों खड़े रहने को मजबूर हैं, लेकिन इसके बावजूद भी समय पर गैस नहीं मिल पा रही है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि वे भोर से ही काम-काज छोड़कर लाइन में लग जाते हैं। गैस बुकिंग कराने के बाद भी तीन से चार दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। एजेंसी पहुंचने पर भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ रही है।
शहर की सबसे पुरानी मानी जाने वाली प्रकाश गैस एजेंसी पर स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। करीब 40 हजार उपभोक्ताओं से जुड़ी इस एजेंसी पर पिछले चार दिनों से गैस की गाड़ी नहीं पहुंची है। इसके चलते एजेंसी के बाहर भारी भीड़ उमड़ रही है और लंबी कतारें लग रही हैं।
उपभोक्ता सत्यम शुक्ल ने बताया, “19 तारीख को मेरी पर्ची कटी थी, तब से रोज लाइन में लग रहा हूं, लेकिन अब तक गैस नहीं मिल पाई है।” इस तरह की शिकायतें बड़ी संख्या में सामने आ रही हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द गैस की आपूर्ति सुचारू कराई जाए और वितरण व्यवस्था में सुधार किया जाए, ताकि आम जनता को इस समस्या से राहत मिल सके। फिलहाल, गैस संकट ने लोगों की रसोई और रोजमर्रा की जिंदगी दोनों को प्रभावित कर दिया है।
