बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रदेश के हजारों युवाओं के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। पुलिस आरक्षक भर्ती-2023 मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने आदेश दिया है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान जॉइनिंग के बाद रिक्त रहने वाले सभी पदों को अनिवार्य रूप से प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) से भरा जाए। इस फैसले से उन अभ्यर्थियों में खुशी की लहर है जो मेरिट सूची में बेहद कम अंतर से पीछे रह गए थे।
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि चयनित उम्मीदवार निर्धारित समय सीमा के भीतर पदभार ग्रहण नहीं करते हैं या किन्हीं कारणों से पद रिक्त रह जाते हैं, तो उन पदों को अगली भर्ती के लिए सुरक्षित रखने के बजाय इसी भर्ती की वेटिंग लिस्ट के उम्मीदवारों से भरा जाना चाहिए। सरकार ने भी अदालत में अपनी स्थिति स्पष्ट की है कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ‘एक अभ्यर्थी, एक जिला’ के नियम का कड़ाई से पालन किया जाएगा। यदि किसी अभ्यर्थी का नाम एक से अधिक जिलों की चयन सूची में आता है, तो उसे केवल एक ही स्थान पर नियुक्ति दी जाएगी, जिससे वेटिंग लिस्ट के अन्य पात्र उम्मीदवारों के लिए अवसर खुलेंगे।
विदित हो कि यह भर्ती कुल 5,967 पदों के लिए आयोजित की गई थी। पूर्व में भर्ती प्रक्रिया में विसंगतियों की शिकायतों के चलते नियुक्तियों पर संशय बना हुआ था, लेकिन हाईकोर्ट के इस ताजा रुख ने प्रक्रिया को नई दिशा दी है। अब शासन और पुलिस मुख्यालय जल्द ही रिक्तियों का आकलन कर प्रतीक्षा सूची के आधार पर नियुक्ति पत्र जारी करने की तैयारी में हैं।
