By-Kuleshwar Kuswaha
वाड्रफनगर के सहकारी बैंक में मंगलवार शाम किसानों का आक्रोश उस समय फूट पड़ा जब भुगतान में कथित अनियमितता और कमीशनखोरी के आरोपों को लेकर बड़ी संख्या में किसान बैंक परिसर पहुंच गए। किसानों ने बैंक प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि उन्हें उनका भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा है, बल्कि भुगतान के बदले कमिशन मांगा जा रहा है।
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भुगतान के बदले कमीशन मांगने का आरोप
प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि वे कई दिनों से अपने भुगतान के लिए बैंक के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें लगातार टालमटोल किया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि बैंक से उनका भुगतान तभी किया जा रहा है जब वे बिचौलियों के माध्यम से जाएं या फिर कमीशन देने के लिए तैयार हों। किसानों के मुताबिक, जो लोग बिचौलियों के जरिए बैंक तक पहुंचते हैं, उनका भुगतान तुरंत कर दिया जाता है, जबकि सीधे आने वाले किसानों को परेशान किया जा रहा है।

बैंक के सामने चक्काजाम, यातायात प्रभावित
इस बात से नाराज किसानों ने बैंक के सामने सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान वहां एकत्र हो गए, जिससे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। चक्काजाम के कारण सड़क पर यातायात भी प्रभावित हुआ और कुछ समय तक वाहनों की लंबी कतार लग गई।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बैंक प्रबंधन पर भ्रष्टाचार और किसानों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया। किसानों का कहना है कि सरकार किसानों के हित में कई योजनाएं चला रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार के कारण उन्हें उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसानों ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और सभी किसानों का भुगतान बिना किसी कमीशन के तुरंत किया जाए।

अधिकारियों की समझाइश के बाद खत्म हुआ विरोध
मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासन भी सक्रिय हो गया। सूचना मिलने पर तहसीलदार और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने की कोशिश की। अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें समझाइश देते हुए शांत कराने का प्रयास किया।
काफी देर तक चले हंगामे और बातचीत के बाद प्रशासन के आश्वासन पर किसानों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया। हालांकि इस दौरान लंबे समय तक बैंक परिसर और आसपास के क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ और बिना कमीशन के भुगतान की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आगे और बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
