By-CG Desk
बलरामपुर -वन परिक्षेत्र रघुनाथनगर में प्रभारी रेंजर के खिलाफ सोशल मीडिया पर प्रसारित एक भ्रामक खबर ने बीते कुछ दिनों से भ्रम की स्थिति पैदा कर दी थी। इस खबर में प्रभारी रेंजर पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया था। हालांकि, मामले की सच्चाई सामने आने के बाद प्रभारी रेंजर ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा और निराधार बताया है।

प्रभारी रेंजर शिवनाथ ठाकुर ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा वीडियो करीब तीन साल पुराना है, जिसे वर्तमान घटना से जोड़कर गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वीडियो में जो राशि गिनते हुए दिखाई जा रही है, वह किसी प्रकार की रिश्वत नहीं बल्कि जंगल की जमीन पर अवैध रूप से मुरूम खुदाई करने के मामले में वसूला गया वैधानिक जुर्माना है।

रेंजर शिवनाथ ठाकुर के अनुसार, वन विभाग की टीम ने उस समय जंगल की जमीन पर बिना अनुमति मुरूम खुदाई करते हुए कुछ लोगों को पकड़ा था। नियमों के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए नियमानुसार जुर्माना लगाया गया था। उसी जुर्माने की राशि को विभागीय प्रक्रिया के तहत गिना और जमा किया जा रहा था, जिसका वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर लिया। अब उसी पुराने वीडियो को गलत संदर्भ में पेश कर सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की भ्रामक खबरें न सिर्फ अधिकारियों की छवि खराब करती हैं, बल्कि आम जनता को भी गुमराह करती हैं। रेंजर ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी खबर की सत्यता की जांच किए बिना उसे साझा न करें। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि वन विभाग पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य करता है और हर कार्रवाई नियम व कानून के दायरे में ही की जाती है।

यह पूरा मामला वन परिक्षेत्र रघुनाथनगर से जुड़ा हुआ है, जहां वन संपदा की सुरक्षा के लिए विभाग लगातार निगरानी और कार्रवाई करता रहा है। रेंजर ने संकेत दिए कि पुराने वीडियो को जानबूझकर वायरल कर विभाग और व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसकी जांच भी कराई जा सकती है।
अंत में प्रभारी रेंजर ने साफ शब्दों में कहा कि रिश्वत लेने का आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है और सच्चाई सामने लाने के लिए उन्होंने पूरा घटनाक्रम सार्वजनिक किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि सच्चाई सामने आने के बाद लोगों को वास्तविक स्थिति समझ में आएगी और भ्रामक खबरों पर विराम लगेगा।

