धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। जिले में सक्रिय 9 हार्डकोर नक्सलियों ने घातक राइफलों और अन्य हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों पर कुल ₹47 लाख का इनाम घोषित था।
पुलिस प्रशासन द्वारा शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत लगातार अपील की जा रही थी। वहीं धमतरी पुलिस, डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और सीआरपीएफ द्वारा चलाए जा रहे सघन नक्सल विरोधी अभियानों और बढ़ते दबाव का असर अब साफ नजर आने लगा है।
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आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली प्रतिबंधित संगठन उड़ीसा स्टेट कमेटी के अंतर्गत
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धमतरी–गरियाबंद–नुआपाड़ा डिवीजन,
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नगरी एरिया कमेटी,
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सीतानदी एरिया कमेटी,
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मैनपुर एलजीएस
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और गोबरा एलओएस
में सक्रिय रूप से काम कर रहे थे।
इन सभी नक्सलियों ने हिंसा और विनाश का रास्ता छोड़ते हुए समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया और अपने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया।
प्रशासन की बड़ी रणनीतिक सफलता
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह आत्मसमर्पण इस बात का संकेत है कि सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और सरकार की पुनर्वास नीति से नक्सली संगठन कमजोर हो रहे हैं। आने वाले समय में और भी नक्सलियों के सरेंडर की संभावना जताई जा रही है।
धमतरी जिले में इसे नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी और निर्णायक उपलब्धि माना जा रहा है।

