नई आबकारी नीति 2026-27 को हरी झंडी: Cabinet ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए छत्तीसगढ़ की नई आबकारी नीति के प्रस्ताव को मंजूरी दी

Versha Chouhan
3 Min Read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आज आयोजित cabinet की बैठक में राज्य हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्णय लिए गए।

छत्तीसगढ़ आबकारी नीति 2026-27 को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ आबकारी नीति वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। साथ ही इससे जुड़ी सभी अनुषांगिक कार्यवाहियों के लिए संबंधित विभाग को अधिकृत किया गया है।

Covid Insurance Claim Verdict : बिलासपुर उपभोक्ता आयोग की सख्ती, कोविड मृत्यु को लेकर बीमा कंपनी को झटका,NH-30 पर सड़क हादसा, भालू की मौत, ‘परीक्षा पे चर्चा’ में छत्तीसगढ़ का रिकॉर्ड पंजीयन

नवा रायपुर में राष्ट्रीय स्तर का शैक्षणिक संस्थान स्थापित होगा
कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर में उच्च कोटि के शैक्षणिक संस्थान की स्थापना के लिए श्री विले पारले कलावनी मंडल (SVKM) को सेक्टर-18 में स्थित लगभग 40 एकड़ भूमि 90 वर्षों की लीज पर एकमुश्त आबंटित करने की स्वीकृति दी है।
इस भूमि पर नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान (NMIMS) की स्थापना की जाएगी।
SVKM वर्ष 1934 से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत एक ख्याति प्राप्त संस्था है, जिसके देशभर में 30 शैक्षणिक संस्थान संचालित हैं। वर्ष 2025 की NIRF यूनिवर्सिटी रैंकिंग में संस्थान को 52वां स्थान प्राप्त हुआ है। इससे छत्तीसगढ़ में आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को नई मजबूती मिलेगी।

नवा रायपुर में 4 नए उद्यमिता केंद्र, STPI से MOU
मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर में चार नए उद्यमिता केंद्रों की स्थापना के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ एमओयू करने का निर्णय लिया है।
इससे राज्य में आईटी/आईटीईएस उद्योग और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को बढ़ावा मिलेगा।
AI, मेडटेक (हर्बल मेडिसिन व वन उत्पाद आधारित), स्मार्ट सिटी और स्मार्ट एग्री जैसे क्षेत्रों में 3 से 5 वर्षों में 133 स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित किया जाएगा।
इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं डेवलपमेंट (ESDM) सेंटर की स्थापना होगी, जो हर साल 30–40 हार्डवेयर स्टार्टअप और MSME को सहयोग प्रदान करेगा।

शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में लैब सेवाएं होंगी और मजबूत
कैबिनेट ने राज्य के सभी जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए लैब के प्रभावी संचालन, संसाधनों के सुदृढ़ीकरण और जांच की संख्या बढ़ाने संबंधी आवश्यक निर्णय लिए हैं।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page