बलरामपुर। वाड्रफनगर विकासखंड के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल पेंडारी में पदस्थ शिक्षक शिवा यादव एक बार फिर विवादों में हैं। शिक्षक पर अपने ही विद्यालय की एक पूर्व छात्रा से विवाह करने के मामले को लेकर परिजनों ने आयुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इस पूरे प्रकरण के कारण विद्यालय का माहौल प्रभावित हुआ है और अभिभावक अपनी बेटियों को स्कूल भेजने में असहज महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक संबंधित शिक्षक को विद्यालय से नहीं हटाया जाता और मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक वे अपने बच्चों, विशेषकर बेटियों, को स्कूल नहीं भेजेंगे। इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र में अभिभावकों और ग्रामीणों में नाराजगी का माहौल है तथा शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

छात्राओं से अभद्र व्यवहार और आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप..
जानकारी के अनुसार, स्कूल में पदस्थ शिक्षक शिवा यादव पर छात्राओं से अभद्र भाषा में बात करने तथा व्यक्तिगत टिप्पणियां करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। परिजनों का कहना है कि शिक्षक के व्यवहार से विद्यालय की कई छात्राएं मानसिक रूप से असहज महसूस कर रही हैं और स्कूल जाने में भी झिझक रही हैं। मामले को लेकर अभिभावकों ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

ग्रामीणों और स्कूल विकास समिति ने भी उठाई कार्रवाई की मांग…
मामला केवल अभिभावकों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीणों और स्कूल विकास समिति के पदाधिकारियों ने भी शिक्षक के खिलाफ विभिन्न शिकायतें दर्ज कराते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि विद्यालय का वातावरण सुरक्षित और अनुशासित होना चाहिए, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों से छात्राओं और अभिभावकों का विश्वास डगमगाने लगा है।
‘शिक्षक नहीं हटे तो बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे’…
आक्रोशित अभिभावकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक संबंधित शिक्षक को विद्यालय से नहीं हटाया जाता, तब तक वे अपने बच्चों, विशेषकर बेटियों, को स्कूल नहीं भेजेंगे। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और सम्मान उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है और यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।परिजनों का आरोप है कि मामले की शिकायत आयुक्त कार्यालय तक पहुंच चुकी है, लेकिन अब तक जांच शुरू नहीं की गई। इसे लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद यदि समय पर जांच नहीं होती है तो इससे शिकायतकर्ताओं का भरोसा कमजोर होगा।
डीईओ बोले- शिकायत मेरे संज्ञान में नहीं आई….
इस पूरे मामले में जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव का कहना है कि संबंधित शिकायत अभी तक उनके संज्ञान में नहीं आई है। डीईओ के इस बयान पर भी अभिभावकों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब शिकायत उच्च स्तर तक पहुंच चुकी है तो जिला स्तर पर इसकी जानकारी नहीं होना भी गंभीर विषय है।
निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग….
ग्रामीणों, अभिभावकों और स्कूल विकास समिति ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कराई जाए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। फिलहाल पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में नाराजगी का माहौल बना हुआ है और लोग प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।



