नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पहला रिएक्शन सामने आया है। संसद भवन के कॉरिडोर में कांग्रेस नेता जयराम रमेश से मुलाकात के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने खुद को ‘स्ट्रीट फाइटर’ बताते हुए कहा कि वह एसी कमरे में बैठकर राजनीति करने वाले एक्टिविस्ट नहीं हैं।
जयराम रमेश से मुलाकात में याद किए पुराने किस्से
संसद भवन में हुई मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच पुराने राजनीतिक अनुभवों को लेकर चर्चा हुई। धर्मेंद्र प्रधान ने जयराम रमेश को एक पुरानी बात याद दिलाते हुए कहा कि उन्होंने कभी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की गवर्नेंस की तारीफ की थी।
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प्रधान ने बताया कि उस समय वह जयराम रमेश को खोजते हुए AICC कार्यालय तक पहुंच गए थे। इसके बाद जब जयराम रमेश केंद्र सरकार में वाणिज्य मंत्री बने और धर्मेंद्र प्रधान सांसद थे, तब उन्होंने अपने क्षेत्र की मिर्ची से जुड़े मुद्दे को लेकर उनसे मुलाकात की थी।
‘Nothing happens, I am a street fighter’
बातचीत के दौरान जयराम रमेश ने कहा, “It happens.” इसके जवाब में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “Nothing happens. I am a street fighter, not an AC room activist.”
उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा तेज हो गई है।
पेपर लीक कानून में संशोधन की तैयारी
इस बीच केंद्र सरकार ने पेपर लीक और परीक्षाओं में अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 लोकसभा में पेश किया है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने यह विधेयक सदन में रखा।
प्रस्तावित संशोधन में पेपर लीक से जुड़े मामलों में दोषियों के लिए सख्त प्रावधान किए गए हैं। इसके अलावा संगठित गिरोह और सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों पर भी कार्रवाई का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव है।
सर्विस प्रोवाइडर पर बढ़ेगी सजा और जुर्माना
मौजूदा कानून के तहत दोषी सर्विस प्रोवाइडर फर्म के जिम्मेदार पदाधिकारियों को अधिकतम 5 साल तक की सजा और 1 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान था। नए संशोधन प्रस्ताव में इसे बढ़ाकर 10 साल तक की सजा और 5 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
NDA सांसदों ने किया स्वागत
इस्तीफे के बाद सोमवार को धर्मेंद्र प्रधान पहली बार संसद पहुंचे। इस दौरान NDA सांसदों ने उनका स्वागत किया। एक सांसद ने कहा कि यह पहली बार है जब किसी मंत्री ने बिना किसी आरोप के अपने पद से इस्तीफा दिया है।
फिलहाल धर्मेंद्र प्रधान के अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाएं जारी हैं। वहीं, पेपर लीक कानून में प्रस्तावित बदलाव को लेकर भी संसद में बहस होने की संभावना है।

