NEET रायपुर/बिलासपुर। नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों की गूंज अब छत्तीसगढ़ में भी सुनाई देने लगी है। राजधानी रायपुर में बुधवार को भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने से तनावपूर्ण स्थिति बन गई। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच नारेबाजी और धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा होने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछार की और आंसू गैस के गोले भी छोड़े।
दिल्ली की घटना का प्रदेश में असर
दरअसल, मंगलवार रात दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा प्रधानमंत्री आवास के बाहर किए गए प्रदर्शन और उसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने प्रदेशभर में प्रदर्शन की घोषणा की थी। दूसरी ओर भाजपा ने इस प्रदर्शन को प्रधानमंत्री की सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश बताते हुए कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
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भाजपा ने राजीव भवन की ओर किया कूच
भाजपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में राजधानी स्थित राजीव भवन की ओर बढ़े। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस युवाओं को गुमराह कर रही है और संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के समर्थन में नारे लगाए और दिल्ली की घटना की जांच की मांग की।
कांग्रेस ने एकात्म परिसर घेरने की कोशिश की
वहीं कांग्रेस कार्यकर्ता एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय की ओर मार्च करने निकले। कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि नीट पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर सरकार जवाब देने से बच रही है और विपक्ष की आवाज दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने के बाद पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ने पर पहले समझाइश दी गई, लेकिन भीड़ के उग्र होने पर पुलिस ने पानी की तेज बौछार की। इसके बाद आंसू गैस के गोले छोड़कर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया गया। कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की भी सूचना है।
बिलासपुर में भी विरोध प्रदर्शन
राजधानी के अलावा बिलासपुर में भी कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग प्रदर्शन किए। कांग्रेस ने पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार को घेरा, जबकि भाजपा ने कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया।
घटना के बाद दोनों दलों के नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दे पर सरकार संवेदनहीन बनी हुई है। वहीं भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर रही है।

