कुलेश्वर कुशवाहा
बलरामपुर। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने विकासखंड रामचंद्रपुर के ग्राम कंचननगर का दौरा कर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत संचालित स्वयं सहायता समूहों की विभिन्न आजीविका गतिविधियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महिला समूहों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें समूह आधारित उद्यमों का विस्तार करने और लखपति दीदी अभियान से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
कृषि उपकरण बैंक का किया निरीक्षण…
निरीक्षण के दौरान सीईओ ने शक्ति महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य रौशनी द्वारा संचालित कृषि उपकरण बैंक का अवलोकन किया। उन्होंने उपलब्ध कृषि यंत्रों के संचालन, रखरखाव एवं साझा उपयोग की व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि यंत्रों का सामूहिक उपयोग किसानों की लागत कम करने के साथ-साथ उत्पादन बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। समूहों को कृषि यंत्रीकरण का अधिकतम लाभ उठाने और सामूहिक प्रयासों से आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया।
सब्जी बीजोत्पादन और आधुनिक खेती की सराहना,,,
सीईओ ने जमुना महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य अनीता मंडल तथा महा सरस्वती महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य दीपिका हालदार द्वारा मचान पद्धति से किए जा रहे सब्जी बीजोत्पादन और सिंचाई व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने पर महिलाओं की सराहना की और मिट्टी परीक्षण, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, वैज्ञानिक जल प्रबंधन तथा उन्नत खेती के तरीकों को अपनाकर उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाने की सलाह दी।
वित्तीय पारदर्शिता और अभिलेख संधारण पर दिया जोर,,,
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ ने स्वयं सहायता समूहों के बचत एवं ऋण संचालन, गतिविधि पंजी तथा अन्य अभिलेखों की भी जांच की। उन्होंने अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण, नियमित लेखांकन और वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही समूहों को सभी कार्य निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुरूप संचालित करने पर बल दिया।
लखपति दीदी अभियान से जुड़ने का किया आह्वान,,,
महिला समूहों से संवाद करते हुए डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा कि स्वयं सहायता समूह केवल बचत और ऋण तक सीमित न रहें, बल्कि आय बढ़ाने वाले स्थायी उद्यम विकसित करें। उन्होंने महिलाओं से लखपति दीदी अभियान से जुड़कर अपनी आय बढ़ाने और आर्थिक रूप से सशक्त बनने का आह्वान किया।
समूह आधारित उद्यमों के विस्तार पर दिया मार्गदर्शन,,,
सीईओ ने समूहों को क्लस्टर आधारित विपणन, आकर्षक पैकेजिंग, वैज्ञानिक भंडारण, प्रत्यक्ष बाजार से जुड़ाव तथा शासकीय एवं बैंकिंग योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि स्वयं सहायता समूह संगठित रूप से कार्य करेंगे तो स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और ग्रामीण महिलाओं की आय में स्थायी वृद्धि होगी।
महिलाओं के नवाचारों की सराहना,,,
दौरे के दौरान जिला पंचायत सीईओ ने महिला समूहों द्वारा किए जा रहे नवाचारों और आजीविका गतिविधियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विश्वास जताया कि समूहों की सक्रिय भागीदारी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में नई मिसाल कायम करेंगी।

