NGT रायपुर। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने जल संरक्षण से जुड़े मामले में सख्त कदम उठाते हुए रायपुर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम सहित देश के तीन बड़े क्रिकेट स्टेडियमों में खेल गतिविधियों पर अंतरिम रोक लगा दी है। भूजल के उपयोग को लेकर उठे सवालों और एनजीटी की ओर से जारी नोटिस का जवाब नहीं देने के बाद यह कार्रवाई की गई है। अब इन स्टेडियमों में किसी भी तरह के खेल आयोजन के लिए एनजीटी की अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
भूजल दोहन को लेकर उठे थे सवाल
मामला क्रिकेट स्टेडियमों में पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए भूजल के इस्तेमाल से जुड़ा है। पर्यावरण संरक्षण और जल संसाधनों के संरक्षण को लेकर एनजीटी ने इस पर संज्ञान लिया था। आरोप है कि स्टेडियमों में बड़ी मात्रा में भूजल का उपयोग किया जा रहा था, लेकिन इसके लिए आवश्यक अनुमति और नियमों के पालन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई।
एनजीटी ने संबंधित पक्षों से इस मामले में जवाब मांगा था, लेकिन निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने के बाद अधिकरण ने कड़ा रुख अपनाया।
रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम पर असर
एनजीटी के आदेश का असर रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम पर भी पड़ेगा। यह स्टेडियम छत्तीसगढ़ का प्रमुख क्रिकेट मैदान है, जहां समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट मुकाबले आयोजित होते रहे हैं।
आदेश के बाद फिलहाल बिना अनुमति किसी भी नए खेल आयोजन पर रोक रहेगी। इससे आगामी क्रिकेट मैचों और अन्य खेल गतिविधियों को लेकर आयोजकों के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर सख्ती
एनजीटी ने अपने रुख से स्पष्ट किया है कि जल संसाधनों का संरक्षण जरूरी है और किसी भी संस्था को नियमों की अनदेखी की अनुमति नहीं दी जा सकती। अधिकरण का उद्देश्य भूजल के अनियंत्रित उपयोग को रोकना और जल संरक्षण के नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े खेल आयोजनों में पानी की भारी खपत होती है। ऐसे में जल प्रबंधन और वैकल्पिक व्यवस्था पर ध्यान देना जरूरी है।
फिलहाल स्टेडियमों में खेल गतिविधियां शुरू करने के लिए संबंधित प्रबंधन को एनजीटी के समक्ष अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी। नियमों का पालन और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
रायपुर स्टेडियम प्रबंधन और खेल विभाग की नजर अब एनजीटी के अगले निर्देशों पर है। इस फैसले के बाद खेल आयोजन से जुड़े संस्थानों के लिए पर्यावरणीय नियमों का पालन और भी महत्वपूर्ण हो गया है।

