यशवंत गंजीर, धमतरी। धमतरी पुलिस ने अपराध नियंत्रण के साथ-साथ समाज सुधार की दिशा में भी एक सकारात्मक पहल की है। लंबे समय से अपराध से दूरी बनाकर सामान्य जीवन जी रहे एक निगरानी बदमाश को पुलिस ने अब “माफी बदमाश” श्रेणी में शामिल करने की अनुमति दी है।
मामला सिटी कोतवाली क्षेत्र का है, जहां महिमा सागर वार्ड निवासी अंकित कौशिक पिता स्वर्गीय गोपाल कौशिक (39 वर्ष) को इस श्रेणी में शामिल किया गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि वर्ष 2014 के बाद से वह किसी भी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त नहीं रहा और सामाजिक जीवन में सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है।
पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार ने जिले के निगरानी और गुंडा बदमाशों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जो लोग अपनी पुरानी छवि को बदलकर अपराध से दूर हो चुके हैं, उन्हें समाज की मुख्यधारा में लौटने का अवसर दिया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार चोरी, उठाईगिरी, नकबजनी जैसे संपत्ति संबंधी अपराधों या अन्य मामलों में शामिल रहे निगरानी बदमाश यदि लगातार पांच वर्षों तक किसी अपराध में शामिल नहीं पाए जाते हैं और उनका आचरण बेहतर होता है, तो उनके नाम को “माफी बदमाश” श्रेणी में लाने पर विचार किया जा सकता है।
थाना सिटी कोतवाली से मिले प्रतिवेदन और नगर पुलिस अधीक्षक धमतरी की अनुशंसा के बाद एसपी सूरज सिंह परिहार ने अंकित कौशिक को “माफी बदमाश ‘अ’ वर्ग” में शामिल करने की अनुमति प्रदान की।
धमतरी पुलिस का कहना है कि पुलिस की भूमिका केवल अपराधियों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि जो लोग सुधार की राह अपनाते हैं उन्हें सम्मानजनक जीवन की ओर आगे बढ़ने का अवसर देना भी जरूरी है। यह पहल उन लोगों के लिए संदेश है जो अपराध छोड़कर समाज में सकारात्मक पहचान बनाना चाहते हैं।

