यशवंत गंजीर कुरुद। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित ‘सुशासन तिहार’ के तहत जनसमस्या निवारण शिविरों में जहां समस्याओं के निराकरण का दावा किया जा रहा है, वहीं धमतरी जिले के ग्राम पंचायत तर्रागोंदी में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सहकारिता विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति सिलौटी के अंतर्गत जुगदेही धान उपार्जन केंद्र के कर्मचारियों ने शिविर में अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) के नाम एक शिकायत व मांग पत्र सौंपा है। इस पत्र में वर्तमान समिति प्रबंधक पर कर्मचारियों की हक की प्रोत्साहन राशि को अपने निजी खाते में ट्रांसफर करने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
कार्य अवधि के बाद आए प्रबंधक पर राशि आहरण का आरोप
यह मामला खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 के धान उपार्जन से जुड़ा है। इस दौरान जुगदेही केंद्र में लगभग 94,500 क्विंटल धान की खरीदी की गई थी। इस कार्य को तत्कालीन प्रभारी समिति प्रबंधक खेमलाल साहू (लेखापाल) और डेटा एंट्री ऑपरेटर खिलावनराम साहू ने संपन्न कराया था। इसके बाद 15 फरवरी 2025 को अपेक्स बैंक के अंकित कुमार को इस समिति का नया प्रबंधक नियुक्त किया गया। कर्मचारियों का आरोप है कि अक्टूबर 2025 में शासन से प्राप्त 0% की प्रोत्साहन राशि (2,22,872.00 रुपये) को वर्तमान प्रबंधक अंकित कुमार ने सभा सेविंग खाता जुगदेही से नामे (Debit) करवाकर अपने निजी बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिया, जबकि धान खरीदी के समय वे समिति में कार्यरत भी नहीं थे।
आंकड़ों की विसंगति और भुगतान में टालमटोल
नियमों के मुताबिक, शासन से प्राप्त कुल राशि में से तत्कालीन प्रभारी खेमलाल साहू का शेयर 78,005.20 रुपये (35%), खिलावन साहू का 44,574.40 रुपये (20%) और भृत्य भुनेश्वर साहू का शेयर 33,430.80 रुपये (15%) बनता था। इस प्रकार कुल 1,56,010.40 रुपये का वितरण किया जाना था। परंतु, पूर्व प्रभारी खेमलाल साहू को महज 56,000 रुपये दिए गए, जिसे उन्होंने ऑपरेटर और भृत्य के बीच आपस में बांट लिया। वर्तमान में खेमलाल साहू के 53,005.20 रुपये, खिलावन साहू के 19,574.40 रुपये और भुनेश्वर साहू के 27,430.80 रुपये (कुल 1,00,010.40 रुपये) बकाया हैं। आरोप है कि जब कर्मचारियों ने प्रबंधक से इस राशि की मांग की, तो उन्हें बजट समाप्त होने की बात कहकर टाल दिया गया।
कार्रवाई के लिए सौंपा शिकायती पत्र
परेशान कर्मचारियों ने सुशासन शिविर में एसडीएम के नाम पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि धान खरीदी अनुबंध पत्र के नियमों के तहत कार्यरत कर्मचारियों की शेष प्रोत्साहन राशि सीधे उनके शाखा कोर्रा के बैंक खातों में जमा कराई जाए। साथ ही, शासकीय राशि का कथित रूप से नियम विरुद्ध आहरण करने वाले अपेक्स बैंक के समिति प्रबंधक अंकित कुमार के खिलाफ उचित जांच कर कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि सुशासन शिविर में आई इस गंभीर शिकायत पर प्रशासन द्वारा क्या वैधानिक कदम उठाए जाते हैं।

