चंदौली। जनपद में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अलीनगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 42.03 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब 60 हजार रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार मुखबिर की सूचना पर मंगलवार सुबह जीटीआर पुल के पास एक संदिग्ध व्यक्ति को रोका गया। तलाशी के दौरान उसके पास मौजूद तीन बैगों से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान पंकज जायसवाल निवासी वेस्टन बाजार गल्ला मंडी मुगलसराय के रूप में हुई है।
बरामद शराब में 96 टेट्रा पैक 8PM 48 बोतल रॉयल स्टैग (375 एमएल) तथा 9 बोतल रॉयल स्टैग (750 एमएल) शामिल हैं। पुलिस ने आरोपी के पास से नकदी भी बरामद की है।
पूछताछ में शराब बेचकर कमाई की बात
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह शराब खरीदकर ऊंचे दामों पर बेचता था और इसी से अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। आरोपी के विरुद्ध थाना अलीनगर में आबकारी अधिनियम की धारा 60 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
बरामदगी ने खड़े किए कई अहम सवाल
हालांकि पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है लेकिन 42 लीटर से अधिक अंग्रेजी शराब की बरामदगी ने अवैध शराब आपूर्ति तंत्र को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बरामद शराब किसी कच्ची या अवैध रूप से निर्मित शराब की नहीं, बल्कि बाजार में वैध रूप से बिकने वाले ब्रांडों की है।
ऐसे में यह जांच का महत्वपूर्ण विषय है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब आरोपी तक आखिर पहुंची कैसे। क्या यह शराब वैध आपूर्ति श्रृंखला से बाहर निकाली गई थी? क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा है? क्या केवल वाहक की गिरफ्तारी पर्याप्त है या फिर सप्लायर और स्रोत तक पहुंचना भी जरूरी है?
आबकारी विभाग की भूमिका भी जांच के दायरे में
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में केवल शराब बरामद करना ही पर्याप्त नहीं होता बल्कि यह भी जांचा जाना चाहिए कि शराब का स्रोत क्या है। यदि किसी लाइसेंसधारी विक्रेता थोक आपूर्तिकर्ता या अन्य माध्यम से नियमों के विपरीत बड़ी मात्रा में शराब की आपूर्ति की गई है तो उनकी जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
हालांकि वर्तमान मामले में किसी लाइसेंसधारी दुकानदार या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा।
नेटवर्क तक पहुंचना पुलिस के लिए चुनौती
अलीनगर पुलिस की कार्रवाई ने एक बार फिर संकेत दिया है कि क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि जांच केवल गिरफ्तार आरोपी तक सीमित रहती है या पुलिस और आबकारी विभाग इस कारोबार की जड़ों तक पहुंचकर पूरे नेटवर्क का खुलासा करते हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इसमें शामिल पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

